- हिमाचल प्रदेश में जनगणना 2027 के प्रथम चरण का मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का क्षेत्रीय कार्य स्व-गणना अवधि समाप्ति के बाद शुरू हो गया है, जो 15 जुलाई, 2026 तक जारी रहेगा।
- केरल और नागालैंड में स्व-गणना की सुविधा शुरू हो चुकी है, जो 30 जून तक उपलब्ध रहेगी, और इन राज्यों में मकान सूचीकरण का क्षेत्रीय कार्य 1 जुलाई से 30 जुलाई के बीच संपन्न होगा।
- गुजरात, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पुडुचेरी तथा उत्तर प्रदेश में घर-घर जाकर मकान सूचीकरण का कार्य जारी है, जबकि महाराष्ट्र, मेघालय, राजस्थान, झारखंड, पंजाब और दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में यह कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है।
- जनगणना 2027 पहली बार डिजिटल टूल्स के उपयोग के साथ की जा रही है, जिसमें मोबाइल ऐप के माध्यम से आंकड़े एकत्रित किए जा रहे हैं और पारंपरिक घर-घर जाकर गणना भी की जा रही है, सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली ,16 जून :जनगणना 2027 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का क्षेत्रीय कार्य हिमाचल प्रदेश में स्व-गणना अवधि समाप्ति के बाद शुरू हो गया है। यह कार्य 15 जुलाई, 2026 तक जारी रहेगा। केरल और नागालैंड में भी स्व-गणना की सुविधा शुरू हो चुकी है, जो 30 जून तक उपलब्ध रहेगी। इन राज्यों में मकान सूचीकरण क्षेत्रीय कार्य 1 जुलाई से 30 जुलाई के बीच संपन्न होगा। निवासी आधिकारिक स्व-गणना पोर्टल (se.census.gov.in) के माध्यम से अपनी स्व-गणना पूरी कर सकते हैं।
वर्तमान में गुजरात, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पुडुचेरी तथा उत्तर प्रदेश में घर-घर जाकर मकान सूचीकरण का कार्य जारी है। जिन लोगों ने स्व-गणना पूरी कर ली है, वे अपनी स्व-गणना पहचान संख्या (SE ID) सुरक्षित रखें और प्रगणक को प्रदान करें ताकि घर-घर जाकर की जाने वाली प्रक्रिया पूरी हो सके। जो परिवार स्व-गणना विकल्प नहीं चुन पाए हैं, उन्हें प्रगणक घर-घर जाकर सूचीबद्ध करेंगे।
इस बीच, महाराष्ट्र, मेघालय, राजस्थान, झारखंड और दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में मकान सूचीकरण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। पंजाब में भी यह कार्य 13 जून को संपन्न हुआ। अब तक 23 राज्यों और संघराज्य क्षेत्रों में जनगणना 2027 के प्रथम चरण का कार्य पूरा हो चुका है। इनमें अंडमान-निकोबार, आंध्र प्रदेश, बिहार, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और अन्य शामिल हैं।
जनगणना 2027 में पहली बार डिजिटल टूल्स का उपयोग किया जा रहा है। आंकड़े मोबाइल ऐप के माध्यम से एकत्र किए जा रहे हैं, साथ ही पारंपरिक घर-घर जाकर की जाने वाली गणना भी की जा रही है। मकान सूचीकरण के दौरान आवासीय स्थिति, परिवार संबंधी जानकारी, सुविधाएं और परिसंपत्तियों से जुड़ी 33 प्रश्नावली के माध्यम से डेटा संग्रहित किया जा रहा है।
जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत एकत्रित सूचनाएं पूर्णतः गोपनीय रखी जाती हैं और केवल सांख्यिकीय व विकास कार्यों में उपयोग की जाती हैं। सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करें और प्रगणकों को सहयोग दें।
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