भारत में फिर बढ़ रहे कोरोना केस: एक्टिव मरीजों की संख्या 7,400 पार, केरल और दिल्ली सबसे ज्यादा प्रभावित
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 14 जून: कोरोना वायरस संक्रमण की गति एक बार फिर भारत में तेजी पकड़ती नजर आ रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार, 14 जून को जारी आंकड़ों के अनुसार, देशभर में एक्टिव कोविड-19 केसों की संख्या बढ़कर 7,400 तक पहुंच गई है। बीते 24 घंटे में 269 नए केस सामने आए हैं, जबकि 9 मरीजों की मौत हो चुकी है।
केरल में सबसे ज्यादा केस, दिल्ली दूसरे स्थान पर
भारत के दक्षिणी राज्य केरल में कोविड के मामलों की संख्या सबसे अधिक बनी हुई है। राज्य में 2,109 सक्रिय मरीज हैं, और अब तक 2,639 लोग ठीक हो चुके हैं। बीते दिनों में कोरोना से 3 मरीजों की मौत भी हो चुकी है:
- 83 वर्षीय पुरुष (हृदय रोगी)
- 67 वर्षीय किडनी ट्रांसप्लांट मरीज
- 61 वर्षीय व्यक्ति (डायबिटीज व हाई ब्लड प्रेशर के शिकार)
राजधानी दिल्ली में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहां 42 नए मामले दर्ज हुए और सक्रिय मरीजों की संख्या 672 हो गई है।
राज्यवार अपडेट: कहाँ क्या स्थिति है?
| राज्य | नए मामले | सक्रिय केस | मौतें |
| केरल | – | 2,109 | 3 |
| कर्नाटक | 132 | 527 | – |
| तमिलनाडु | 12 | 232 | 1 |
| आंध्र प्रदेश | 15 | 102 | – |
| तेलंगाना | 3 | 8 | – |
| उत्तर प्रदेश | 3 | 248 | – |
| मध्य प्रदेश | – | – | 1 (इंदौर) |
| पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, उत्तराखंड | मामूली उतार-चढ़ाव | – | – |
| राजस्थान, जम्मू-कश्मीर | हल्की वृद्धि | – | – |
| चंडीगढ़ | 0 | – | – |
विशेष उल्लेख:
मध्य प्रदेश के इंदौर में एक 52 वर्षीय महिला की मौत कोविड संक्रमण के कारण हुई, जो राज्य में तीसरी मौत मानी जा रही है।
कोरोना से अब तक कितने लोग हुए ठीक?
देशभर में अब तक कुल 11,967 मरीज कोविड संक्रमण से ठीक हो चुके हैं या माइग्रेट हो गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि जो मरीज हल्के या बिना लक्षण वाले हैं, उन्हें होम आइसोलेशन की अनुमति दी जा रही है, बशर्ते उनके पास आवश्यक सुविधाएं हों।
क्या करें अगर कोरोना हो जाए?
- होम आइसोलेशन:
हल्के लक्षण या बिना लक्षण वाले मरीजों को घर में आइसोलेट रहने की सलाह दी गई है। - डिस्चार्ज गाइडलाइन:
मरीजों को 7 दिन बाद अस्पताल से छुट्टी दी जाती है यदि तीन दिन तक बुखार नहीं होता। - सावधानी बरतें:
PPE किट, मास्क, हाथ धोना और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे उपायों को गंभीरता से अपनाएं। - समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन का पालन करें।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
कोरोना की वापसी भले ही तेज़ न हो, लेकिन इसके संकेत गंभीर हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि भीड़-भाड़ वाले इलाकों में मास्क का उपयोग, टीकाकरण की निगरानी, और स्वास्थ्य जागरूकता ही इस संक्रमण को नियंत्रित करने का एकमात्र रास्ता है।
सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियों ने नागरिकों से सावधानी और सहयोग की अपील की है। अगली लहर को रोकने के लिए समय रहते कदम उठाना ज़रूरी है।
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