सोशल मीडिया पर पाक कनेक्शन की जांच तेज़: पंजाब पुलिस ने 900 संदिग्धों की पहचान की, यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के वीडियो भी रडार पर
समग्र समाचार सेवा
चंडीगढ़, 23 मई: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान समर्थित गतिविधियों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया है। हाल ही में हरियाणा और पंजाब से पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले कुछ लोगों के पकड़े जाने के बाद पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट ने सोशल मीडिया पर पाकिस्तान कनेक्शन की गहराई से जांच शुरू कर दी है।
900 सोशल मीडिया यूजर्स जांच के घेरे में
काउंटर इंटेलिजेंस ने पंजाब में ऐसे करीब 900 लोगों की पहचान की है जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान के सोशल मीडिया अकाउंट्स से चैटिंग की या आपत्तिजनक कंटेंट शेयर किया। अब इन सभी अकाउंट्स के जरिए भारत विरोधी गतिविधियों की संभावनाएं खंगाली जा रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, फेसबुक, एक्स (पूर्व ट्विटर), इंस्टाग्राम, टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर इन यूजर्स द्वारा की गई चैटिंग, वीडियो, फोटो और टिप्पणियों की गहनता से जांच की जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि के पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अहम जानकारियों के लीक होने की आशंका
जांच एजेंसियों को आशंका है कि कुछ संदिग्ध यूजर्स ने भारत से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंटों या सेना से जुड़े लोगों को साझा की हो सकती है। ऐसे में काउंटर इंटेलिजेंस इन सभी पहलुओं की छानबीन कर रही है।
एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को भी इन जानकारियों से अवगत कराया जा रहा है ताकि यदि कोई राष्ट्र-विरोधी साजिश सामने आती है, तो सामूहिक रूप से कार्रवाई की जा सके।
यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा भी जांच के घेरे में
हरियाणा के हिसार की रहने वाली ट्रैवल यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को भी भारत में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अब पंजाब पुलिस ने उसके पंजाब में बनाए गए वीडियो की भी जांच शुरू कर दी है।
सूत्रों का कहना है कि ज्योति ने पंजाब में यात्रा के दौरान कई वीडियो शूट किए, जिनमें संवेदनशील लोकेशनों की रिकॉर्डिंग हो सकती है। काउंटर इंटेलिजेंस यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं उसके वीडियोज़ में ऐसी कोई जानकारी तो नहीं, जो पाकिस्तान की सैन्य खुफिया एजेंसियों (ISI) के लिए उपयोगी साबित हो।
जरूरत पड़ने पर प्रोडक्शन वारंट के जरिए ज्योति को पंजाब लाकर पूछताछ भी की जा सकती है।
यह पूरी कार्रवाई ऐसे समय में की जा रही है जब सोशल मीडिया का उपयोग भारत विरोधी गतिविधियों के लिए हथियार के रूप में किया जा रहा है। पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की सतर्कता यह दर्शाती है कि भारत अब साइबर खतरों और डिजिटल जासूसी के प्रति किसी भी स्तर की लापरवाही नहीं बरतना चाहता।
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