साइबर अपराध जाँच में बदलाव: इंस्पेक्टर से ऊपर के अधिकारी करेंगे जाँच

  • सरकार साइबर अपराध जांच को पेशेवर और प्रभावी बनाने के लिए IT एक्ट में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में।
  • गृह मंत्रालय ने सुझाव भेजा—अब साइबर अपराध मामलों की जांच इंस्पेक्टर से ऊपर रैंक के अधिकारी ही करें।
  • संसदीय समिति की सिफारिश—जांच अधिकारियों को डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर कानून, व आधुनिक तकनीकों का ज्ञान होना चाहिए।
  • अभी IT एक्ट 2000 के तहत इंस्पेक्टर या उससे ऊपर रैंक वाले अधिकारी जांच कर सकते हैं; अब बदलाव की सिफारिश।
  • 2009 से इंस्पेक्टर स्तर पर जांच की अनुमति थी, अब करीब डेढ़ दशक बाद फिर से रैंक बढ़ाने की तैयारी।
  • विशेषज्ञों के अनुसार—तकनीकी अपराधों की जांच में अनुभव और विशेषज्ञता अत्यंत जरूरी, इससे जांच की गुणवत्ता और दोषियों तक पहुंचने की संभावना बढ़ेगी।
  • अंतिम फैसला इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की संशोधन प्रक्रिया के बाद ही होगा।

समग्र समाचार सेवा 

नई दिल्ली, 8 अगस्त :देश में बढ़ते साइबर अपराधों की जांच को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए सरकार IT अधिनियम में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है।गृह मंत्रालय ने संसद को दी रिपोर्ट में बताया—अब साइबर अपराध की जांच सिर्फ इंस्पेक्टर से ऊपर रैंक के पुलिस अधिकारी करेंगे।

संसदीय समिति ने सुझाव दिया कि सिर्फ प्रशिक्षित, अनुभवी और डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर कानून में दक्ष अधिकारी ही ऐसे मामलों की जांच करें।
अभी IT एक्ट के तहत इंस्पेक्टर स्तर से ऊपर के अधिकारी को जांच का अधिकार है, लेकिन अब इसे और सख्त करने की सिफारिश की गई है।
अगर प्रस्ताव लागू होता है तो साइबर अपराध की जांच उच्च रैंक और विशेषज्ञता वाले अधिकारियों के हाथों में होगी, जिससे जांच की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ेगी।

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