समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली ,24 जुलाई :सरकार डेयरी किसानों के लिए कई ऐसी योजनाएं चला रही है, जिनकी मदद से पशुपालन को मुनाफे का सौदा बनाया जा सकता है। इन योजनाओं का मकसद किसानों की लागत घटाना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। आइए जानते हैं कौन-कौन सी स्कीम्स में सबसे ज्यादा सब्सिडी मिलती है:
मुख्य योजनाएं और लाभ:
- राष्ट्रीय गोकुल मिशन:
- उन्नत नस्ल की गायों-भैंसों की ब्रीडिंग, साइलेज मेकिंग, शेड निर्माण, ब्रीडिंग फार्म खोलने पर 50% तक की सब्सिडी और वित्तीय मदद।
- पशु किसान क्रेडिट कार्ड:
- बिना किसी गारंटी के 1.60 लाख रुपये तक का लोन, बेहद कम ब्याज दर पर। पैसे का उपयोग चारा, दवाइयां, पशुओं की देखभाल में।
- डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड:
- मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट, चिलिंग प्लांट या पैकेजिंग मशीनरी स्थापित करने पर करोड़ों रुपये का लोन, कम ब्याज दर पर सब्सिडी।
- पशुपालन अवसंरचना विकास निधि:
- प्राइवेट कंपनियों/किसान उत्पादक संगठनों को इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर 3% ब्याज छूट, खुद का डेयरी ब्रांड बनाने में मदद।
- महिला और SC/ST किसानों के लिए विशेष सब्सिडी:
- पशु खरीद, शेड निर्माण आदि पर अतिरिक्त 10-20% तक की छूट (राज्य सरकार की योजनाओं के तहत)।
- आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज:
- आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, जमीन के कागज। आवेदन कृषि विज्ञान केंद्र, पशु अस्पताल या राज्य के पोर्टल पर।
सलाह:
किसी भी योजना का लाभ उठाने से पहले अपने जिले के पशुपालन विभाग या कृषि विज्ञान केंद्र से पूरी जानकारी जरूर लें और सही दस्तावेज तैयार रखें।
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