समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 12 सितंबर: दिल्ली हाईकोर्ट में शुक्रवार को अचानक अफरा-तफरी मच गई जब अदालत को एक बम धमाके की धमकी वाला ईमेल मिला। धमकी मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल मोर्चा संभाला और ज्यादातर बेंचों की कार्यवाही बीच में ही रोक दी गई। कोर्ट परिसर को हाई अलर्ट पर डाल दिया गया और बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेरकर तलाशी शुरू कर दी।
ईमेल में ISI साजिश का ज़िक्र
धमकी भरे ईमेल में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और 1998 के कुख्यात बम धमाकों का ज़िक्र किया गया है। मेल भेजने वाले ने खुद को विजय शर्मा बताया और इसे आरजी अरुण भारद्वाज को भेजा। ईमेल में दावा किया गया कि एक शिया मुस्लिम युवक डॉ. शाह फैसल ने कोयंबटूर में ISI से संपर्क कर 1998 जैसी वारदात को फिर से अंजाम देने की साजिश रची है।
मेल में राजनीतिक दलों पर वंशवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया गया और कहा गया कि “सेक्युलर पार्टियाँ परिवारवाद और भ्रष्टाचार पर निर्भर हैं।”
तमिलनाडु के नेताओं को निशाना बनाने की धमकी
ईमेल में एक और सनसनीखेज दावा किया गया कि कुछ राजनीतिक वारिसों पर हमला किया जाएगा ताकि “नई सेक्युलर लीडरशिप” उभर सके। इसमें डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन के बेटे पर एसिड अटैक की बात लिखी गई और डॉ. एझिलन नागनाथन को पार्टी की बागडोर सौंपने का प्रस्ताव रखा गया। मेल में यह भी कहा गया कि पुलिस बलों के भीतर 2017 से ही “स्लीपर एसेट्स” सक्रिय हैं और वे कथित तौर पर इस “होली फ्राइडे” पर हमला करेंगे।
जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियाँ
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि धमकी को गंभीरता से लिया गया है और ईमेल की सत्यता की जांच की जा रही है। हाईकोर्ट परिसर को पूरी तरह सील कर तलाशी ली गई, हालांकि अब तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “हम हर पहलू से जांच कर रहे हैं। अब तक धमकी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियातन सभी सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं।”
दिल्ली हाईकोर्ट में धमकी भरे ईमेल से मचे हड़कंप ने एक बार फिर देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। भले ही धमकी वास्तविक हो या फर्जी, लेकिन इसने खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा बलों को चौकन्ना कर दिया है। फिलहाल, NIA और दिल्ली पुलिस इस मामले की तह तक जाने की कोशिश में जुटी हुई हैं।
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