दिल्ली में अब रamlिला और दुर्गा पूजा के लिए लाउडस्पीकर का समय बढ़ाया, रात 12 बजे तक जारी रहेंगे कार्यक्रम
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 23 सितंबर: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को ऐलान किया कि राष्ट्रीय राजधानी में रamlिला, दुर्गा पूजा और अन्य सांस्कृतिक-धार्मिक आयोजनों में लाउडस्पीकर अब रात 12 बजे तक उपयोग किए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस समय सीमा विस्तार का उद्देश्य है कि हिन्दू त्योहार बिना किसी समय की पाबंदी के मनाए जा सकें, जैसा कि अन्य राज्यों में होता है।
पत्रकारों से बातचीत में रेखा गुप्ता ने कहा, “मैंने हमेशा देखा कि हमारे हिंदू त्योहारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। रamlिला या दुर्गा पूजा कभी भी रात 10 बजे समाप्त नहीं हो सकती। जब गुजरात में डांडिया सारी रात चल सकता है, जब अन्य राज्यों में कार्यक्रम पूरे रात आयोजित होते हैं, तो दिल्ली के लोगों के लिए ऐसा क्यों नहीं हो सकता? इसलिए इस बार हमने सभी रamlिला, दुर्गा पूजा और सांस्कृतिक-धार्मिक आयोजनों को रात 12 बजे तक चलाने की अनुमति दी है।”
इस घोषणा के साथ ही राजधानी में नवरात्रि उत्सव और भी धूमधाम से मनाया जाएगा। Sharadiya Navratri देशभर में भक्तिभाव और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। नौ दिनों के इस पर्व में प्रत्येक दिन देवी के अलग रूप को समर्पित होता है, जो शक्ति, करुणा और बुद्धिमत्ता के विभिन्न पहलुओं का प्रतीक है।
भक्त इस नौ दिवसीय पर्व के दौरान उपवास रखते हैं, भजन और कीर्तन करते हैं, और गरबा व डांडिया जैसे पारंपरिक नृत्यों में भाग लेकर माहौल को जीवंत बनाते हैं। राजधानी में भी लोग उत्साहपूर्वक इन धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की और सभी भक्तों के लिए आशीर्वाद मांगा। अपने X पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, “इस नवरात्रि पर आज, लाखों नमन माँ ब्रह्मचारिणी के चरणों में! देवी माता सभी भक्तों को साहस और संयम प्रदान करें।” उन्होंने इस अवसर पर देवी स्तुति (आध्यात्मिक मंत्र) भी साझा की।
Sharadiya Navratri एक जीवंत और पवित्र हिंदू पर्व है, जो नौ रातों तक चलता है और देवी दुर्गा में निहित दिव्य स्त्री शक्ति का उत्सव मनाता है। इस पर्व को अश्विन मास में मनाया जाता है और इसमें धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की विशेष भूमिका होती है।
दिल्ली में लाउडस्पीकर के समय में वृद्धि से न सिर्फ त्योहारों की गरिमा बनी रहेगी, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों में शामिल होने वाले लोगों को भी उत्सव का पूरा आनंद मिलेगा।
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