दिल्ली में महिलाओं के लिए डीटीसी बसों में पिंक कार्ड हुआ अनिवार्य

राजधानी में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है, जिसके तहत अब सफर के लिए स्मार्ट कार्ड होना जरूरी है।

  • दिल्ली में महिलाओं के लिए डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त सफर के वास्ते पिंक कार्ड (पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड) का नियम लागू होने जा रहा है।
  • सरकार द्वारा दी गई पुरानी कागजी पिंक टिकट की व्यवस्था की अंतिम तिथि 31 अगस्त को समाप्त हो चुकी है।
  • योजना का लाभ सुचारू रूप से जारी रखने के लिए राजधानी में 50 विशेष केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ अब तक 18 लाख से अधिक महिलाओं के कार्ड बन चुके हैं।

नई दिल्ली, 31 अगस्त: दिल्ली की महिलाओं के लिए डीटीसी (DTC) और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा करने के नियमों में एक सितंबर से महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है। सरकार की ओर से महिलाओं को मुफ्त सफर के लिए दी गई पुरानी कागजी पिंक टिकट की सुविधा की समय-सीमा 31 अगस्त को समाप्त हो चुकी है। अब महिलाओं को बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ उठाने के लिए ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ का उपयोग करना होगा। सरकार का यह कदम इस योजना को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

क्यों पड़ी इस नए नियम की आवश्यकता?

दिल्ली सरकार द्वारा महिलाओं को दी जाने वाली मुफ्त बस यात्रा की सुविधा को केवल स्थानीय और पात्र लाभार्थियों तक सीमित रखने के लिए यह डिजिटल पहल शुरू की गई है। पहले पारंपरिक कागजी पिंक टिकट बांटे जाते थे, जिससे कई बार निगरानी रखने में कठिनाई आती थी। अब नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड सिस्टम पर आधारित इस स्मार्ट कार्ड के आ जाने से पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी। बस में चढ़ते समय महिलाओं को कार्ड रीडर मशीन पर अपना यह स्मार्ट कार्ड टैप करना होगा।

अब तक 18 लाख से अधिक महिलाओं ने बनवाए कार्ड

प्रशासन ने इस बदलाव को आसान बनाने के लिए राजधानी भर में लगभग 50 अधिकृत पंजीकरण केंद्र स्थापित किए हैं। इन सेंटरों पर महिलाएं आसानी से आवेदन करके अपना स्मार्ट कार्ड प्राप्त कर सकती हैं। परिवहन विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, अब तक 18 लाख से ज्यादा महिलाएं इस सुविधा के तहत अपने पिंक कार्ड बनवा चुकी हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन महिलाओं के पास कार्ड नहीं है, उनके लिए आगे की प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा।

आगे भी जारी रहेगी कार्ड बनवाने की प्रक्रिया

चूंकि यह अनिवार्यता लागू हो चुकी है, इसलिए जिन महिलाओं ने अभी तक अपना स्मार्ट कार्ड नहीं बनवाया है, वे बिना किसी परेशानी के अपने नजदीकी निर्धारित केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकती हैं। कार्ड बनने की प्रक्रिया लगातार जारी है। सरकार और परिवहन निगम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र महिला को असुविधा न हो और वे आसानी से डिजिटल प्रणाली का हिस्सा बनकर इस जनहित योजना का लाभ उठा सकें।

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