दिल्ली प्रान्त महिला इतिहासकार परिषद की टोली बैठक संपन्न, शोध और महिला नेतृत्व पर बनी रणनीति
महिला इतिहास लेखन, नेतृत्व विस्तार और शोध योजनाओं पर दिल्ली में मंथन
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 02 फरवरी: दिल्ली प्रान्त महिला इतिहासकार परिषद की टोली की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को केशवकुंज, झंडेवालाँ, नयी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के केन्द्रीय कार्यालय में संपन्न हुई। यह बैठक संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ आगामी शोध योजनाओं, महिला नेतृत्व के विस्तार और इतिहास लेखन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को लेकर अहम मानी जा रही है।
आगामी कार्ययोजना पर व्यापक विमर्श
बैठक का मुख्य उद्देश्य भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा करना रहा। इस दौरान इतिहास लेखन में महिला पात्रों की उपस्थिति, उनके योगदान और उनसे जुड़े ऐतिहासिक आख्यानों की पुनर्समीक्षा पर विशेष बल दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय इतिहास के कई महत्वपूर्ण अध्यायों में महिलाओं की भूमिका रही है, लेकिन पर्याप्त शोध के अभाव में वे अपेक्षित स्थान नहीं पा सकीं।
महिला पात्रों पर केंद्रित शोध का संकल्प
महिला टोली ने संकल्प व्यक्त किया कि आने वाले समय में महिला पात्रों से जुड़े गंभीर शोध, प्रामाणिक तथ्य-संग्रह और संतुलित दृष्टिकोण विकसित करने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे, ताकि इतिहास लेखन अधिक समावेशी और तथ्यपरक बन सके।
सदस्यता विस्तार पर जोर
बैठक में दिल्ली प्रान्त में महिला सदस्यों की संख्या बढ़ाने को प्राथमिकता दी गई। इसके तहत प्रत्येक जिले और क्षेत्र में सक्रिय महिला शोधकर्ताओं, शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों और इतिहास में रुचि रखने वाली महिलाओं को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने का प्रस्ताव रखा गया।
महिलाओं को नेतृत्व के अवसर
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि दिल्ली प्रान्त के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं को नेतृत्व के अवसर प्रदान किए जाएँगे। क्षेत्रीय स्तर पर महिला संयोजक, सह-संयोजक और शोध निर्देशन समितियों में महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
तीन प्रमुख कार्यक्रम तय
आगामी महीनों के लिए बैठक में तीन प्रमुख कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। आठ मार्च को महिला दिवस कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा मार्च माह के अंत में बैठक सह कार्यशाला आयोजित होगी, जिसमें इतिहास लेखन की पद्धतियों, स्रोत-संकलन, अभिलेखों के उपयोग और महिला-पात्र-केन्द्रित शोध तकनीकों पर विशेषज्ञ प्रशिक्षण देंगे। जुलाई माह में महिला इतिहासकार राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया, जिसमें देशभर की महिला इतिहासकार भाग लेंगी।
पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
बैठक में अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के संगठन मंत्री डॉ. बालमुकुंद पाण्डेय का सानिध्य प्राप्त हुआ। साथ ही दिल्ली प्रान्त के अध्यक्ष प्रो. धर्मचंद चौबे, महासचिव डॉ. निर्मल पाण्डेय और संगठन मंत्री डॉ. अजय कुमार सिंह भी उपस्थित रहे। महिला टोली से डॉ. गौरी डे, डॉ. राजकुमारी मिश्र, डॉ. राजवंती, डॉ. हेमलता यादव, डॉ. रचना, डॉ. वंशिका सहित अनेक पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
महिला इतिहास लेखन को सशक्त बनाने का संकल्प
अंत में बैठक इस संकल्प के साथ संपन्न हुई कि दिल्ली प्रान्त की महिला टोली इतिहास लेखन, शोध-संवर्द्धन और संगठनात्मक विकास में अपने योगदान को और अधिक मजबूत करेगी और भारतीय इतिहास के पुनर्लेखन में महिलाओं की निर्णायक भूमिका सुनिश्चित करेगी।
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