विकास हर वर्ग तक पहुँचना चाहिए”: राष्ट्रपति मर्मु ने आदिवासी कल्याण अभियान की दी दिशा

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 19 अक्टूबर: राष्ट्रपति द्रौपदी मर्मु ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों, जिलों, ब्लॉकों तथा एकीकृत आदिवासी विकास एजेंसियों को पुरस्कार प्रदान किए।

सम्मेलन में अपने संबोधन में राष्ट्रपति मर्मु ने कहा कि यह सम्मेलन भारत की सहभागी और समावेशी शासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि आदि कर्मयोगी अभियान का उद्देश्य हर आदिवासी गाँव को आत्मनिर्भर बनाना और आदिवासी समुदायों को देश के विकास में सक्रिय भागीदार बनाना है।

राष्ट्रपति मर्मु ने कहा, “आदिवासी क्रियान्वयन ढांचा हमारे आदिवासी लोगों और देश को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।” उन्होंने ग्राम सभाओं और सामुदायिक संस्थाओं की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि ये जनभागीदारी और नीति की प्रभावशीलता को मजबूत करती हैं।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आदिवासी परंपराएं हमें याद दिलाती हैं कि विकास प्रकृति के साथ संतुलन में होना चाहिए। राष्ट्रपति ने आदिवासी क्षेत्रों में हाल ही में किए गए सरकारी प्रयासों की सराहना की, जिनमें अवसंरचना विस्तार, आवासीय विद्यालय, छात्रवृत्ति योजनाएं, कौशल विकास और उद्यमिता पहल शामिल हैं। इन पहलों ने आजीविका के अवसर बढ़ाए और आदिवासी समुदायों में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया है।

राष्ट्रपति मर्मु ने कहा, “विकसित भारत की दिशा में हमारी यात्रा में हमें यह याद रखना चाहिए कि राष्ट्र और समाज की वास्तविक प्रगति समाज के सभी वर्गों के विकास में निहित है।” उन्होंने एक समावेशी समाज के निर्माण का आह्वान किया, जहाँ सभी नागरिक अपने भाग्य को सार्थक रूप से आकार दे सकें।

 

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