धार से शुरू होगा पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क: 3 लाख को मिलेगा रोज़गार, सौर ऊर्जा से चलेगा पूरा परिसर

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 16 सितंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितम्बर को अपने जन्मदिन के अवसर पर मध्य प्रदेश के धार जिले के भैंसोला में देश के पहले पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क की आधारशिला रखेंगे। यह पार्क 2100 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा और इसे देश का सबसे आधुनिक और पर्यावरण-हितैषी टेक्सटाइल हब बताया जा रहा है।

यह पार्क खास इसलिए होगा क्योंकि यहाँ पर 5F श्रृंखला – फार्म, फाइबर, फैक्ट्री, फैशन और फॉरेन (निर्यात) को एक ही स्थान पर जोड़कर कपड़ा उद्योग की पूरी सप्लाई चेन तैयार की जाएगी।

रोज़गार और स्थानीय लाभ

अनुमान है कि इस मेगा प्रोजेक्ट से 3 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोज़गार मिलेगा। इसमें विशेष प्राथमिकता धार, झाबुआ, अलीराजपुर और बड़वानी जिलों के आदिवासी श्रमिकों और कुशल महिलाओं को दी जाएगी।

इसके लिए पार्क में 3500 बिस्तरों वाला छात्रावास, अस्पताल, व्यावसायिक परिसर और पेट्रोल पंप जैसी सुविधाएँ भी होंगी, ताकि कामगारों और उनके परिवारों को बेहतर जीवन-स्तर मिल सके।

देशभर में पीएम मित्र पार्क की श्रृंखला

धार से शुरुआत होने वाला यह पार्क अकेला नहीं है। तमिलनाडु (विरुद्धनगर), तेलंगाना (वारंगल), गुजरात (नवसारी), कर्नाटक (कलबुर्गी), उत्तर प्रदेश (लखनऊ) और महाराष्ट्र (अमरावती) में भी पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क बनाए जा रहे हैं।

इन सभी पार्कों में लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउस और बड़े पार्किंग क्षेत्र होंगे ताकि विदेशी और घरेलू कंपनियों के लिए उत्पादन और निर्यात प्रक्रिया आसान हो सके।

सुविधाएँ और पर्यावरण संतुलन

धार के इस पार्क में उद्योगों को प्लग एंड प्ले यूनिट्स उपलब्ध होंगी। यानी निवेशकों को केवल मशीनें लगानी होंगी, जबकि बिजली, पानी और शेड पहले से मौजूद रहेंगे।

  • पार्क की प्रतिदिन 150 मेगावाट बिजली की खपत होगी, जिसमें से 10 मेगावाट सौर ऊर्जा से मिलेगी।
  • 24 घंटे अपशिष्ट जल उपचार प्रणाली (जीरो लिक्विड डिस्चार्ज) लगाई जाएगी।
  • 20 एमएलडी पानी शुद्ध कर पुनः उपयोग में लाया जाएगा।

इससे पार्क पूरी तरह से पर्यावरण मानकों पर खरा उतरेगा और यूरोपीय बाज़ार जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनेगा।

धार को क्यों चुना गया?

धार को पीएम मित्र पार्क के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि यहाँ से झाबुआ-रतलाम एक्सप्रेसवे के जरिए मुंबई के जेएनपीटी पोर्ट और गुजरात के कांडला बंदरगाह तक आसान कनेक्टिविटी है। इसके अलावा, बदनावर-थांदला राजमार्ग और पीथमपुर-मऊ-नीमच राजमार्ग इस क्षेत्र को देश के औद्योगिक गलियारों से जोड़ते हैं।

यानी, इस पार्क से न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश का कपड़ा उद्योग नई ऊँचाइयों पर पहुँचेगा।

प्रधानमंत्री मोदी का यह कदम न केवल मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देगा बल्कि स्थानीय रोज़गार, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरणीय संरक्षण में भी मील का पत्थर साबित होगा।

 

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