पुरानी गाड़ियों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल: दिल्ली-एनसीआर में नया नियम नवंबर से लागू

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 9 जुलाई: दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता को सुधारने के लिए केंद्र सरकार के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीक्यूएम) ने एक बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने पहले से लागू होने वाले आदेश को बदलते हुए तय किया है कि अब 10 साल से पुरानी डीजल गाड़ियों और 15 साल से ज्यादा पुरानी पेट्रोल गाड़ियों को फ्यूल नहीं देने का नियम 1 नवंबर से लागू होगा। पहले यह पाबंदी 1 जुलाई से ही शुरू होनी थी।

दिल्ली से सटे जिले भी नियम के दायरे में

नई व्यवस्था के मुताबिक अब सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि इसके आस-पास के पांच हाई व्हीकल डेंसिटी (एचवीडी) जिले — गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) और सोनीपत — भी इस नियम के दायरे में आ जाएंगे। इन जिलों में भी पेट्रोल पंपों पर एएनपीआर (ऑटोमैटेड नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि समय सीमा पूरी कर चुकी गाड़ियों की पहचान की जा सके।

कानूनी कार्रवाई के लिए सख्त दिशा-निर्देश

आयोग ने साफ कर दिया है कि जो गाड़ियां नियम तोड़ेंगी, उनके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई होगी। इसमें गाड़ियों को जब्त करना, स्क्रैपिंग पॉलिसी के तहत निपटान करना और RVSF नियमों के तहत आगे की प्रक्रिया शामिल होगी। दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर पहले से ही एएनपीआर कैमरे लगने शुरू हो चुके हैं और अब 31 अक्टूबर तक सभी एचवीडी जिलों में इसे पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है।

कैसे काम करेगा ANPR सिस्टम

फ्यूल स्टेशन पर लगे ANPR कैमरे गाड़ी की नंबर प्लेट को पढ़ते हैं और तुरंत केंद्रीय वाहन डेटाबेस से उसकी जानकारी जांचते हैं। अगर गाड़ी की तय सीमा पूरी हो चुकी है तो सिस्टम पेट्रोल पंप कर्मचारियों को अलर्ट कर देता है कि उसमें फ्यूल न भरा जाए। इसके बाद उस गाड़ी की जानकारी प्रवर्तन एजेंसियों को भेजी जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

 

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