डबल वोटर आईडी विवाद: पवन खेड़ा के नाम दो एक्टिव EPIC नंबर, कांग्रेस की ‘वोट चोरी’ बयानबाजी पर उठा सवाल

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 2 सितंबर: कांग्रेस पार्टी के लिए मंगलवार का दिन शर्मिंदगी भरा साबित हुआ। बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने दावा किया कि कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के नाम पर दो अलग-अलग जगहों पर वोटर आईडी दर्ज हैं और दोनों अभी भी सक्रिय हैं।

मालवीय ने सबूत के तौर पर चुनाव आयोग की वेबसाइट से डाटा साझा किया। जानकारी के अनुसार, खेड़ा का नाम जंगपुरा विधानसभा क्षेत्र (EPIC नंबर XHC1992338) और नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र (EPIC नंबर SJE0755967) में दर्ज है।

कांग्रेस की ‘वोट चोरी’ बयानबाजी पर पलटवार

बीजेपी ने इस खुलासे को कांग्रेस की कथनी और करनी में अंतर बताया। मालवीय ने कहा—
“जो पार्टी दूसरों पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाती है, वही अपने नेताओं के डुप्लिकेट वोटर आईडी को लेकर चुप है। क्या पवन खेड़ा ने कभी एक से ज्यादा बार वोट डाला है? इसकी जाँच चुनाव आयोग को करनी चाहिए।”

इससे पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कई बार चुनावी गड़बड़ी और वोट चोरी के आरोप लगाए थे, लेकिन अब उनकी ही पार्टी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मृतक परिवार सदस्य का नाम भी वोटर लिस्ट में

जाँच के दौरान यह भी सामने आया कि पवन खेड़ा के परिवार की सदस्य रूपम खेड़ा, जिनका निधन 2021 में कोविड-19 के कारण हो चुका था, उनका नाम भी वोटर लिस्ट में अब तक सक्रिय है।
यह तथ्य कांग्रेस पर और भी सवाल खड़े करता है कि जब वे चुनावी ईमानदारी की बात करते हैं, तो अपने परिवार की वोटर लिस्ट तक अपडेट क्यों नहीं कर पाए।

“पाखंडी राजनीति की पोल खुली”

बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस नेताओं की राजनीति पाखंड से भरी हुई है।

  • पवन खेड़ा दूसरों को चुनावी ईमानदारी का पाठ पढ़ाते हैं, जबकि उनके अपने रिकॉर्ड गड़बड़ियों से भरे हैं।
  • मालवीय ने सोनिया गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि उनका नाम वोटर लिस्ट में तब दर्ज हुआ था, जब वे भारत की नागरिक भी नहीं बनी थीं।
  • राहुल गांधी ने भी बेंगलुरु और महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का दावा किया था, लेकिन कोई औपचारिक शिकायत या सबूत पेश नहीं किया।

कांग्रेस के आरोपों की हवा निकली

पिछले दिनों पवन खेड़ा ने CSDS-Lokniti के संजय कुमार के एक पोस्ट के आधार पर महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट गड़बड़ी का दावा किया था। लेकिन बाद में संजय कुमार ने खुद अपनी पोस्ट डिलीट कर दी और स्वीकार किया कि उनकी टीम ने आंकड़ों को गलत पढ़ा था।
इसके बाद कांग्रेस के तमाम दावे खोखले साबित हो गए।

डुप्लिकेट वोटर आईडी का यह मामला कांग्रेस की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। विपक्ष पर हमले करते हुए कांग्रेस के नेता खुद चुनावी गड़बड़ियों में घिरे दिख रहे हैं। अब देखना होगा कि चुनाव आयोग इस मामले में क्या कदम उठाता है और कांग्रेस अपने प्रवक्ता के बचाव में क्या दलील देती है।

 

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