संघ और डॉक्टर साहब समानार्थक शब्द हैं – डॉ. मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष – शतक’ फिल्म के गीतों का लोकार्पण

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 13 जनवरी : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा है कि संघ और डॉक्टर साहब समानार्थक शब्द हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ समय के साथ बदलता नहीं, बल्कि क्रमशः प्रगट होता हैbजैसे बीज से वृक्ष बनने की प्रक्रिया। यह विचार उन्होंने झंडेवालान स्थित केशव कुंज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए।

कार्यक्रम में फिल्म ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष – शतक’ के दो गीत ‘भारत मां के बच्चे’ और ‘भगवा है मेरी पहचान’ का लोकार्पण किया गया। इन गीतों को प्रसिद्ध गायक सुखविंदर सिंह ने अपनी आवाज दी है।

संघ का विकास, परिवर्तन नहीं


डॉ. भागवत ने कहा कि जब-जब संघ नए रूपों में समाज के सामने आता है, कुछ लोगों को परिवर्तन का भ्रम होता है। जबकि वास्तविकता यह है कि संघ अपने मूल विचारों के साथ निरंतर प्रकट होता रहा है। डॉक्टर साहब का जीवन, उनका विचार और संघ की भावना—ये सब एक-दूसरे से अभिन्न हैं।

डॉक्टर हेडगेवार का व्यक्तित्व: अध्ययन का विषय


सरसंघचालक ने संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन मनोविज्ञान (साइकोलॉजी) के अध्ययन का विषय है। 11 वर्ष की आयु में माता–पिता को एक ही दिन, एक घंटे के अंतराल में खो देने जैसा गहरा आघात सामान्यतः व्यक्ति के स्वभाव को तोड़ देता है, लेकिन डॉक्टर साहब पर इसका विपरीत प्रभाव नहीं पड़ा। उनका मन जन्मजात रूप से मजबूत, स्वस्थ और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत था

फिल्म और उपस्थित गणमान्य

फिल्म ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष – शतक’ का निर्माण वीर कपूर ने किया है और निर्देशन आशीष मल का है। गीतों के लोकार्पण अवसर पर संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश (भय्याजी) जोशी सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

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