चुनावी हलचल तेज: कांग्रेस और राजद आज करेंगे रणनीति बैठक

समग्र समाचार सेवा
पटना, 9 अक्टूबर: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। विपक्षी महागठबंधन की तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए आज शाम अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत, अधीर रंजन चौधरी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पटना में राजद नेता तेजस्वी यादव से मुलाकात करेंगे। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अंदर सीट बंटवारे और मुख्यमंत्री पद के चेहरा को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

विपक्षी गठबंधन की तैयारी: एनडीए को टक्कर

कांग्रेस और राजद इस चुनाव में मिलकर रणनीति बनाने की कोशिश कर रहे हैं। राज्य में कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (RJD), भाकपा और भाकपा (माले) सहित अन्य वामपंथी दलों के गठबंधन का उद्देश्य एनडीए को टक्कर देना है। एनडीए में जद (यू), लोजपा (रालोद), हम और अन्य दल शामिल हैं। विपक्षी गठबंधन का मकसद केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि विकास, सुशासन और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर जनता को विकल्प देना भी है।

कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने बताया कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को जल्द ही अंतिम रूप दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “हमारी समन्वय समिति लगातार बैठकें कर रही है। मुझे उम्मीद है कि आज और कल के बीच सभी सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। सीट बंटवारे की सही जानकारी जनता को जल्द ही दी जाएगी।”

एनडीए में असमंजस की स्थिति

वहीं, सत्तारूढ़ एनडीए के नेतृत्व पर विपक्षी दलों की नजरें बनी हुई हैं। तारिक अनवर ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि एनडीए में असमंजस की स्थिति है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कई दौरों के बावजूद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को गठबंधन का मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं किया गया है। अनवर ने कहा, “एनडीए और प्रधानमंत्री ने अभी तक नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। यह असमंजस स्थिति विरोधियों के लिए अवसर पैदा कर रही है।”

वहीं, महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव गठबंधन के नेता के रूप में काम कर रहे हैं। विपक्ष का फोकस सीट बंटवारे के साथ-साथ चुनावी रणनीति तैयार करना है ताकि राज्य में एनडीए को चुनौती दी जा सके।

चुनावी संदेश: सत्ता के साथ विकास और न्याय

विशेषज्ञ मानते हैं कि बिहार में यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का प्रतीक नहीं होगा, बल्कि विकास, सुशासन और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर जनता का निर्णय तय करेगा। विपक्षी गठबंधन का यह प्रयास उन मतदाताओं को जोड़ने का है, जो भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और पलायन की वजह से वर्तमान सरकार से असंतुष्ट हैं।

इस बैठक से तय होगा कि कांग्रेस और राजद कैसे सीटों का बंटवारा और चुनावी रणनीति अंतिम रूप देंगे। यह रणनीति केवल चुनावी गणित पर असर नहीं डालेगी, बल्कि बिहार में भविष्य की राजनीतिक दिशा भी तय करेगी।

बिहार में महागठबंधन की तैयारी

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन की यह बैठक राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। सीट बंटवारे और गठबंधन रणनीति तय करने के बाद विपक्ष एनडीए को टक्कर देने के लिए तैयार होगा। इस चुनाव का परिणाम केवल विधानसभा की सीटें नहीं, बल्कि बिहार में सुशासन, विकास और न्याय की दिशा भी तय करेगा।

 

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