एलन मस्क की ‘अमेरिका पार्टी’: क्या दो-दलीय व्यवस्था को हिला पाएंगे दुनिया के सबसे अमीर शख्स?

समग्र समाचार सेवा
वॉशिंगटन, 6 जुलाई: अमेरिका की राजनीति में बड़ा उलटफेर करते हुए दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपति एलन मस्क ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘अमेरिका पार्टी’ बनाने का ऐलान कर दिया है। यह घोषणा उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से तल्खी भरे रिश्तों के बीच की है, जिसने अमेरिकी राजनीति के गलियारों में हलचल मचा दी है।

दोनों पार्टियों से नाराज़ 80% लोगों की आवाज़!
एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर कहा कि ‘अमेरिका पार्टी’ उन 80 फ़ीसदी मतदाताओं की आवाज़ बनेगी, जो रिपब्लिकन और डेमोक्रेट, दोनों पार्टियों से खुश नहीं हैं। मस्क का दावा है कि अमेरिका में भ्रष्टाचार और गैर-ज़रूरी खर्च को रोकने के लिए यह तीसरी शक्ति जरूरी है।

ट्रंप से विवाद बना वजह?
गौरतलब है कि मस्क ने ट्रंप के बड़े समर्थक रहते हुए उनके चुनाव अभियान में 250 मिलियन डॉलर झोंके थे, लेकिन बाद में ट्रंप के ‘बिग, ब्यूटीफुल बिल’ पर मतभेद के बाद दोनों में खुली जंग छिड़ गई। ट्रंप ने मस्क की कंपनियों को सब्सिडी रोकने तक की धमकी दे दी थी। उसी के बाद मस्क ने नई पार्टी बनाने की बात सोशल मीडिया पोल के जरिए शुरू की थी।

मिड टर्म इलेक्शन पर मस्क की नज़र
मस्क की योजना है कि फिलहाल वह 2 या 3 सीनेट सीटों और 8 से 10 हाउस डिस्ट्रिक्ट पर ही फोकस करेंगे। अमेरिका में हर दो साल में हाउस और सीनेट के चुनाव होते हैं, लेकिन दो-दलीय ‘विनर टेक ऑल’ सिस्टम में तीसरी पार्टी के लिए जगह बनाना आसान नहीं होगा।

विशेषज्ञ बोले: यह चाल भी हो सकती है
अमेरिकी चुनाव विशेषज्ञ थॉमस गिफ्ट का मानना है कि मस्क असल में रिपब्लिकन पार्टी पर दबाव बनाने के लिए यह दांव चल रहे हैं। उनका कहना है कि मस्क के पास पैसा तो है लेकिन संगठन खड़ा करना और बैलेट एक्सेस हासिल करना आसान नहीं। कई राज्यों में हज़ारों वैध मतदाताओं के हस्ताक्षर जुटाने होते हैं।

क्या तीसरी पार्टी चलेगी?
एलन मस्क के पास असीमित संसाधन हैं, लेकिन अमेरिकी चुनावी व्यवस्था में छोटी पार्टियों का टिकना बेहद मुश्किल माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मस्क अगर सही रणनीति बनाते हैं तो रिपब्लिकन को नुकसान जरूर पहुंचा सकते हैं, लेकिन कांग्रेस या व्हाइट हाउस तक पहुंच पाना फिलहाल दूर की कौड़ी ही लगता है।

 

Comments are closed.