कीव हमलों पर बोलीं यूरोपीय आयोग प्रमुख उर्सुला: “पुतिन बातचीत की मेज पर आएं, यूरोप यूक्रेन के साथ खड़ा है”

समग्र समाचार सेवा
ब्रुसेल्स/कीव, 29 अगस्त: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूरोप ने एक बार फिर यूक्रेन को समर्थन का आश्वासन दिया है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से अपील की कि वह “बातचीत की मेज पर आएं” ताकि हालिया हवाई हमलों से उत्पन्न तनाव को समाप्त किया जा सके।

यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी और समर्थन

उर्सुला ने स्पष्ट किया कि यूरोप यूक्रेन को न केवल सुरक्षा गारंटी देगा, बल्कि रक्षा सहायता भी जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल युद्ध विराम नहीं बल्कि “न्यायपूर्ण और स्थायी शांति” सुनिश्चित करना है।

एक पोस्ट में उन्होंने लिखा:

“मैंने राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की और फिर राष्ट्रपति ट्रंप से बात की, जो कि कीव पर हुए बड़े हमले के बाद था। इस हमले ने हमारे EU कार्यालयों को भी प्रभावित किया। पुतिन को बातचीत की मेज पर आना चाहिए। हमें यूक्रेन के लिए न्यायपूर्ण और स्थायी शांति सुनिश्चित करनी होगी। यूरोप अपनी भूमिका निभाएगा।”

कीव पर हवाई हमलों की निंदा

गुरुवार को उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कीव पर हुए रूसी हवाई हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि रूस की लगातार बमबारी से न केवल नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान हो रहा है, बल्कि निर्दोष लोगों की जान भी जा रही है

उन्होंने कहा:

“हमारे EU प्रतिनिधिमंडल की इमारत को भी नुकसान पहुँचा है, हालांकि स्टाफ सुरक्षित है। रूस को तुरंत अपने हमलों को रोकना चाहिए और बातचीत के ज़रिए समाधान ढूंढना चाहिए।”

हमलों का प्रभाव

यूरो न्यूज के अनुसार, रूस के ताज़ा मिसाइल हमले में कीव स्थित यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल की इमारत को गंभीर नुकसान पहुँचा। यह हमला बुधवार रात हुआ, जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हुए।

यूक्रेन में EU की राजदूत कतरिना माथेरनोवा ने कहा कि यह हमला यूरोपीय संघ के लिए भी सीधा संदेश है कि रूस अब अंतरराष्ट्रीय संस्थानों को भी निशाना बना रहा है।

राजनीतिक और कूटनीतिक संदेश

यूरोपीय आयोग प्रमुख का यह बयान स्पष्ट करता है कि यूरोप यूक्रेन के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।
जहां अमेरिका और यूरोप यूक्रेन को सैन्य और आर्थिक समर्थन दे रहे हैं, वहीं रूस लगातार कठोर हमलों से पश्चिमी गठबंधन को दबाव में लेने की कोशिश कर रहा है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि उर्सुला की यह अपील पुतिन पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। हालांकि रूस की ओर से अभी तक किसी तरह का सकारात्मक संकेत नहीं मिला है।

कीव पर हुए घातक हमलों ने एक बार फिर रूस-यूक्रेन युद्ध को अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है। उर्सुला वॉन डेर लेयेन का बयान न केवल यूक्रेन को समर्थन का भरोसा दिलाता है, बल्कि रूस को सीधा संदेश भी देता है कि यूरोप पीछे नहीं हटेगा। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पुतिन बातचीत की मेज पर आने को तैयार होते हैं या युद्ध और भड़कता है।

 

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