दिल्ली सरकार के ख़िलाफ़ दिल्ली नगर निगम का विरोध उपवास

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 17 दिसंबर।
दिल्ली सरकार और एमसीडी के बीच का टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली सरकार द्वारा दिल्ली नगर निगम कि बकाया राशी 13हजार करोड़ रूपये ना देने के विरोध मे रोहिणी मण्डल 57 के सभी कार्यकर्ताओं ने आज उपवास रखा है।
बता दें कि इससे पहले भी दिल्ली के सभी 70 विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने दिल्ली सरकार के खिलाफ हल्ला बोला और एमसीडी के 13000 करोड़ रुपए बकाया राशि पर विरोध प्रदर्शन किया था।
राजधानी दिल्ली में नगर निगम और दिल्ली सरकार के बीच चल रही तकरार थमने का नाम नहीं ले रही है। दिल्ली सरकार की तरफ से एमसीडी के 13000 करोड़ रुपये की बकाया राशि पर राजनीति तेज होती जा रही है। एक तरफ जहाँ पिछले कुछ दिनों से दिल्ली नगर निगम के तीनों मेयर मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर आज रोहिणी मण्डल 57 के सभी कार्यकर्ताओं ने आज उपवास रखा है।
बता दें कि दिल्ली नगर निगम के कार्यकर्ताओं ने केजरीवाल सरकार के खिलाफ विरोध प्रकट करते हुए प्रीती जी करें पुकार, केजरीवालों 13 हजार..निगम का पैसा रोका है, केजरीवाल धोखा है…जैसे लाइनों के साथ जमकर नारेबाजी की।


प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दिल्ली सरकार की तरफ से एमसीडी को मिलने वाला फंड नहीं दिया जा रहा है, जो अब 13000 करोड़ रुपये की बकाया राशि हो गई है लेकिन केजरीवाल सरकार गंदी राजनीति करते हुए एमसीडी को उसका अपना पैसा नहीं दे रही है जिस कारण एमसीडी की ओर से बहुत से काम ठप्प पड़े हैं।
फिलहाल राजधानी दिल्ली में दिल्ली सरकार और नगर निगम के बीच टकराव से दिल्ली की राजनीति एक बार फिर से गर्म हो गई है। ऐसे में अब देखने वाली बात होगी कि दिल्ली सरकार और निगम के बीच की यह तकरार कब खत्म होती है और एमसीडी जिस तरह से केजरीवाल सरकार पर 13000 करोड़ रुपये के बकाया का आरोप लगा रही है वह दिल्ली सरकार एमसीडी को कब तक देती है।

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