FCRA रजिस्ट्रेशन के नाम पर रिश्वतखोरी, दो सरकारी अधिकारी गिरफ्तार

केंद्रीय गृह मंत्रालय की सख्त कार्रवाई के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दबोचा, संगठनों के पंजीकरण और रिन्यूअल के नाम पर चल रहा था खेल।

  • गृह मंत्रालय से मिली गुप्त जानकारी के आधार पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और केंद्रीय एजेंसियों ने FCRA रजिस्ट्रेशन के नाम पर रिश्वत मांगने वाले दो सरकारी अधिकारियों को गिरफ्तार किया है।
  • गिरफ्तार आरोपियों में से एक वर्तमान में गृह मंत्रालय के फॉरेनर्स डिवीजन में सीनियर अकाउंटेंट है, जबकि दूसरा आरोपी पहले इसी डिवीजन में तैनात था और वर्तमान में पे एंड अकाउंट्स ऑफिस में कार्यरत है।
  • शुरुआती जांच से खुलासा हुआ है कि ये दोनों आरोपी गैर-कानूनी तरीके से पैसे लेकर कुछ खास संगठनों के FCRA पंजीकरण और रिन्यूअल कराने के मामलों में सक्रिय रूप से शामिल थे।

नई दिल्ली, 30 सितंबर: देश की राजधानी नई दिल्ली में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) से प्राप्त विशिष्ट और पुख्ता इनपुट के आधार पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर एक सफल संयुक्त ऑपरेशन चलाया। इस कार्रवाई के तहत विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन और रिन्यूअल कराने के बदले अवैध रूप से रिश्वत की मांग करने वाले दो भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों को धर दबोचा गया है। इस घटना के सामने आने के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

कैसे हुआ इस बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पकड़े गए दोनों आरोपी सरकारी विभागों में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात थे। इनमें से एक अधिकारी वर्तमान में केंद्रीय गृह मंत्रालय के संवेदनशील ‘फॉरेनर्स डिवीजन’ (Foreigners Division) में सीनियर अकाउंटेंट के पद पर अपनी सेवाएं दे रहा था। वहीं, दूसरा आरोपी जो वर्तमान में पे एंड अकाउंट्स ऑफिस (Pay and Accounts Office) में तैनात है, वह पहले फॉरेनर्स डिवीजन में ही काम कर चुका था। शुरुआती पूछताछ और तकनीकी सर्विलांस से यह बात सामने आई है कि ये दोनों अधिकारी एक संगठित तरीके से कुछ ऐसे संगठनों और एसोसिएशनों के संपर्क में थे, जिनके एफसीआरए रजिस्ट्रेशन या नवीनीकरण के मामले लंबित थे। ये लोग प्रक्रिया को आसान बनाने और फाइल आगे बढ़ाने के एवज में मोटी रकम की मांग कर रहे थे।

गृह मंत्रालय की जीरो टॉलरेंस नीति और ऑनलाइन व्यवस्था

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद गृह मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार के प्रति सरकार की नीति पूरी तरह से ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की है। आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी और विभागीय कार्रवाई तेजी से की जा रही है। सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि FCRA से जुड़ी हुई सभी प्रकार की सेवाएं और आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से आधिकारिक एफसीआरए पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन ही संचालित होती हैं। इन सेवाओं के निष्पादन में मदद करने के लिए किसी भी बिचौलिए, एजेंट या बाहरी व्यक्ति को अधिकृत नहीं किया गया है। अधिकारियों की इस गिरफ्तारी से यह संदेश गया है कि नियमों को ताक पर रखकर भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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