पंजाब के वित्त मंत्री चीमा बोले – अफगानिस्तान को मदद मिल सकती है तो बाढ़ प्रभावित पंजाब क्यों उपेक्षित?

समग्र समाचार सेवा
चंडीगढ़, 5 सितंबर: पंजाब के वित्त, योजना, उत्पाद एवं कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने गुरुवार को केंद्र सरकार से अपील की कि वह तालिबान-शासित अफगानिस्तान को दी गई सहायता की तरह ही पंजाब के प्रति भी मानवता और संवेदनशीलता दिखाए।

उन्होंने कहा कि जब अफगानिस्तान के लिए राहत सामग्री तेजी से भेजी जा सकती है, तो बाढ़ प्रभावित पंजाब को वित्तीय और मानवीय सहायता देने में देरी क्यों हो रही है।

“पंजाब ने हमेशा देश को संभाला, अब केंद्र का फर्ज़ है”

एक प्रेस विज्ञप्ति में, चीमा ने जोर देकर कहा कि पंजाब हमेशा देश की खाद्य सुरक्षा और आर्थिक मजबूती में योगदान देता रहा है। ऐसे में ज़रूरत की घड़ी में केंद्र सरकार को पंजाब की अनदेखी नहीं करनी चाहिए।

उन्होंने कहा –
“अगर मानवता की सहायता सीमाओं के पार भेजी जा सकती है, तो अपने लोगों की मदद करने में हिचक क्यों?”

वित्त मंत्री ने बाढ़ प्रभावित नागरिकों की भलाई को प्राथमिकता देने और राहत पैकेज, बुनियादी ढांचे के समर्थन और पुनर्वास उपायों को तेजी से लागू करने की मांग की।

मुख्यमंत्री राहत कोष में दान की अपील

चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार बाढ़ पीड़ितों को राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से मुख्यमंत्री राहत कोष में उदारतापूर्वक दान करने की अपील की। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि प्राप्त हर सहायता का पारदर्शी और जवाबदेह उपयोग होगा ताकि हर रुपया सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचे।

जीएसटी सुधारों पर भी बोले चीमा

बाढ़ राहत के मुद्दे के अलावा, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने उपभोक्ताओं के लिए जीएसटी दरों में कमी का स्वागत किया। उन्होंने याद दिलाया कि आम आदमी पार्टी (AAP) लंबे समय से इसकी मांग कर रही थी।

चीमा ने कहा कि नए दो-स्तरीय जीएसटी दर ढांचे से आम लोगों को फायदा मिलना चाहिए और यह सुनिश्चित होना चाहिए कि महंगाई से जूझ रहे उपभोक्ताओं को वास्तविक राहत मिले।

जीएसटी मुआवजे की मांग

वित्त मंत्री ने कहा कि जब जीएसटी प्रणाली लागू हुई थी, तब केंद्र ने सभी राज्यों को आश्वासन दिया था कि किसी भी राजस्व हानि का मुआवजा दिया जाएगा। लेकिन अब जबकि राज्य की अर्थव्यवस्थाएं पूरी तरह स्थिर नहीं हुई हैं, ऐसे समय में जीएसटी दर कटौती से उनका बोझ और बढ़ जाएगा।

चीमा ने कहा कि पंजाब वर्तमान में पिछले चार दशकों की सबसे भीषण बाढ़ से जूझ रहा है, ऐसे में केंद्र को तत्काल वित्तीय सहायता और जीएसटी मुआवजा देना चाहिए ताकि राज्य की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित हो सके।

हरपाल सिंह चीमा का बयान सिर्फ एक मांग नहीं बल्कि एक सख्त संदेश है कि देश की एकता और मजबूती तभी संभव है जब संकट की घड़ी में हर राज्य को समान प्राथमिकता दी जाए। पंजाब, जिसने हमेशा राष्ट्र की ज़रूरतें पूरी कीं, अब खुद मदद की प्रतीक्षा कर रहा है।

 

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