नेपाल में Gen-Z आंदोलन की आग: 31 मौतें, 1000 से ज्यादा घायल, सुशीला कार्की अंतरिम प्रधानमंत्री बनने की तैयारी

समग्र समाचार सेवा
काठमांडू,11 सितंबर: नेपाल की राजधानी काठमांडू में Gen-Z आंदोलन से भड़की हिंसा ने पूरे देश को हिला दिया है। हालात को काबू में रखने के लिए सेना ने लगातार तीसरे दिन कर्फ्यू लागू कर दिया है। अब तक इस आंदोलन में 31 लोगों की मौत हो चुकी है और 1000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। राजनीतिक संकट के बीच अब देश में नई अंतरिम सरकार के गठन की कोशिशें तेज हो गई हैं और सूत्रों के मुताबिक नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस रह चुकीं सुशीला कार्की अंतरिम प्रधानमंत्री बनने जा रही हैं।

सेना और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत

गुरुवार सुबह 10:30 बजे सेना मुख्यालय में Gen-Z आंदोलन के प्रतिनिधियों और सेना के अफसरों के बीच दूसरे दौर की बातचीत हुई। हालांकि बुधवार को हुई पहली बैठक बेनतीजा रही थी। सेना ने सभी दलों से राय मांगी है ताकि समाधान निकाला जा सके।

पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड ने कहा, “यह आंदोलन लोकतंत्र के खिलाफ नहीं, बल्कि लोकतंत्र को और मजबूत बनाने के लिए है।”

सुशीला कार्की को मिला समर्थन

सूत्रों के मुताबिक, सुशीला कार्की को काठमांडू के मेयर बालेन शाह और Gen-Z युवाओं का समर्थन हासिल है। माना जा रहा है कि सुशीला कार्की अंतरिम सरकार में शाह की ‘प्रॉक्सी’ के तौर पर काम करेंगी और आगामी चुनाव में शाह खुद मैदान में उतर सकते हैं।

नेपाली कांग्रेस की मांग

नेपाली कांग्रेस नेता प्रदीप पौडेल ने संविधान में संशोधन और राष्ट्रीय सहमति सरकार की मांग की है। उन्होंने कहा कि छह महीने के भीतर पार्टी का महाधिवेशन होना चाहिए ताकि राजनीतिक शून्यता खत्म हो सके।

बड़े नेताओं को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया

हिंसा और हमलों के बढ़ते खतरे को देखते हुए सेना ने पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली, प्रचंड और माधव नेपाल समेत कई नेताओं को राजधानी से 30 किमी दूर शिवपुरी स्थित आर्मी कमांड एंड स्टाफ कॉलेज में सुरक्षित स्थान पर भेज दिया है। मंगलवार को ओली ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद सेना ने हेलीकॉप्टर से उन्हें वहां पहुंचाया।

रामछेपा जेल में गोलीकांड

हिंसा का असर जेलों तक पहुंच गया है। गुरुवार को रामछेपा जेल में कैदियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प हुई। भागने की कोशिश कर रहे कैदियों पर सेना ने गोली चलाई, जिसमें 3 कैदी मारे गए और 14 घायल हो गए। फिलहाल जेल सेना के कंट्रोल में है।

नेपाल इस वक्त सबसे बड़े राजनीतिक संक्रमण से गुजर रहा है। Gen-Z आंदोलन ने सत्ता, लोकतंत्र और युवाओं की भूमिका पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। अब सबकी निगाहें सुशीला कार्की की संभावित अंतरिम सरकार और आने वाले चुनावों पर हैं, जो देश की दिशा तय करेंगे।

 

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