समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 27 अगस्त: गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में भगवान गणेश से सभी नागरिकों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और नई ऊर्जा का आशीर्वाद देने की प्रार्थना की।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि गणेश चतुर्थी का यह पर्व सभी के जीवन में नई प्रेरणा लेकर आए। उन्होंने कहा कि गणपति बप्पा बुद्धि, विवेक और नई संभावनाओं के प्रतीक हैं। यह पर्व केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सद्भाव का भी प्रतीक है।
आप सभी को गणेश चतुर्थी की ढेरों शुभकामनाएं। श्रद्धा और भक्ति से भरा यह पावन अवसर हर किसी के लिए शुभकारी हो। भगवान गजानन से प्रार्थना है कि वे अपने सभी भक्तों को सुख, शांति और उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद दें। गणपति बाप्पा मोरया!
— Narendra Modi (@narendramodi) August 27, 2025
देशभर में उत्साह का माहौल
गणेश चतुर्थी पूरे भारत में बड़े हर्षोल्लास और भक्ति भावना के साथ मनाई जाती है। महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और गुजरात में यह पर्व विशेष धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन घर-घर और पंडालों में गणपति की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं और दस दिनों तक पूजा-अर्चना, भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है।
त्योहार का महत्व
गणेश चतुर्थी को विघ्नहर्ता गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि भगवान गणेश संकटों को दूर करने वाले, बुद्धि और ज्ञान देने वाले देवता हैं। इसी कारण किसी भी शुभ कार्य से पहले गणेश की पूजा की परंपरा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में इसी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि “गणपति बप्पा मोरया” का उद्घोष देश की सामूहिक ऊर्जा और आशाओं का प्रतीक है।
पीएम मोदी का संदेश और राष्ट्र की एकता
प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश ऐसे समय आया है जब देश विविध चुनौतियों के बीच भी आशा और विकास की ओर अग्रसर है। गणेश चतुर्थी जैसे त्योहार न केवल धार्मिक आस्था को बल देते हैं, बल्कि राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक धरोहर को भी मजबूत बनाते हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में विशेष रूप से युवाओं से आग्रह किया कि वे इस पर्व से प्रेरणा लेकर सकारात्मक बदलाव और समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश
हाल के वर्षों में गणेश चतुर्थी के अवसर पर पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमाओं के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने संबोधन में इस पहल का समर्थन किया है और कहा कि उत्सव के आनंद के साथ हमें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी निभाना चाहिए। मिट्टी की प्रतिमाएं और प्राकृतिक रंगों का उपयोग आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करेगा।
गणेश चतुर्थी का यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का भी उत्सव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं इस पर्व की पवित्रता और देश की साझा भावनाओं को और प्रबल करती हैं। देशवासियों के लिए यह संदेश प्रेरणा का स्रोत है कि जब हम सभी मिलकर उत्सव मनाते हैं तो हमारी विविधता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति बन जाती है।
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