कोरिया का जुनून, धमकियाँ और आख़िरी टास्क,कोरियन लव गेम ने कैसे छीनी गाजियाबाद की तीन बहनों की ज़िंदगी
ऑनलाइन गेम की लत में गाजियाबाद की तीन नाबालिग बहनों ने नौवीं मंज़िल से कूदकर दी जान
- गाजियाबाद में ऑनलाइन ‘कोरियन लव गेम’ की लत में तीन नाबालिग बहनों ने की आत्महत्या
- सुसाइड नोट में लिखा—‘हम कोरिया नहीं छोड़ सकते’, ‘कोरिया ही हमारी ज़िंदगी है’
- दोस्ती और प्यार से शुरू होकर धमकियों तक पहुँचा ऑनलाइन गेम का जाल
- ब्लू व्हेल गेम जैसा पैटर्न, आख़िरी टास्क ने मौत तक पहुँचने पर किया मजबूर
समग्र समाचार सेवा
गाजियाबाद | 4 फरवरी: गाजियाबाद में मंगलवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां नौवीं मंज़िल के फ्लैट की बालकनी से कूदकर तीन नाबालिग बहनों ने आत्महत्या कर ली। शुरुआती जाँच में सामने आया है कि तीनों बहनें एक ऑनलाइन ‘कोरियन लव गेम’ की लत में थीं, जिसने धीरे-धीरे उन्हें मानसिक रूप से पूरी तरह अपने कब्ज़े में ले लिया।
सुसाइड नोट ने खोले कई राज़
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें बच्चियों ने लिखा—
“हम कोरिया नहीं छोड़ सकते। कोरिया हमारी ज़िंदगी है। कोरियन हमारी जान हैं।”
इन पंक्तियों ने जाँच एजेंसियों को चौंका दिया है। पुलिस का मानना है कि बच्चियों की सोच और पहचान को इस गेम के ज़रिये प्रभावित किया गया।
कैसे काम करता है ‘कोरियन लव गेम’
जानकारी के मुताबिक यह गेम सोशल मीडिया और ऑनलाइन चैट प्लेटफॉर्म के ज़रिये बच्चों तक यहाँ-वहाँ से पहुँचता है। शुरुआत में सामने वाला खुद को कोरियाई या विदेशी युवक-युवती बताकर दोस्ती करता है। बातचीत प्यार और अपनापन दिखाने से शुरू होती है, जिससे बच्चे भावनात्मक रूप से जुड़ जाते हैं।
टास्क, दबाव और धमकियों का सिलसिला
गेम के शुरुआती टास्क बेहद आसान होते हैं, लेकिन धीरे-धीरे इन्हें कठिन और मानसिक दबाव वाला बना दिया जाता है। टास्क पूरे न करने पर बच्चों को धमकियाँ दी जाती हैं—कभी निजी जानकारी सार्वजनिक करने की, तो कभी परिवार को नुकसान पहुंचाने की। इसी डर और दबाव में बच्चे मानसिक रूप से टूटते चले जाते हैं।
ब्लू व्हेल गेम से मिलती-जुलती साज़िश
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गेम का तरीका पहले सामने आ चुके ब्लू व्हेल गेम जैसा है, जिसमें खिलाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से आत्मघाती रास्ते पर धकेला जाता था। आख़िरी टास्क इतना खतरनाक होता है कि खिलाड़ी मौत को ही एकमात्र रास्ता मानने लगता है।
जाँच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल चैट की जाँच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गेम के पीछे कौन लोग सक्रिय हैं और बच्चियों को इस हद तक मानसिक रूप से नियंत्रित कैसे किया गया।
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