2025 के अंत तक सोना छू सकता है ₹1.35 लाख प्रति 10 ग्राम, रुपये की कमजोरी और वैश्विक मांग से बढ़ेगी चमक

समग्र समाचार सेवा
मुंबई, 19 अक्टूबर: भारत में सोने की कीमतें 2025 के शेष महीनों में और बढ़ सकती हैं। ICICI बैंक ग्लोबल मार्केट्स की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, सोने की घरेलू कीमतें वर्ष के अंत तक ₹1,20,000 से ₹1,35,000 प्रति 10 ग्राम के दायरे में रह सकती हैं। वहीं 2026 की पहली छमाही में यह दायरा बढ़कर ₹1,30,000 से ₹1,45,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह तेजी मुख्य रूप से रुपये की कमजोरी और वैश्विक सोने की बढ़ती कीमतों के कारण है। आईसीआईसीआई बैंक ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की दर को ₹87.00 से ₹89.00 के बीच स्थिर रहने का अनुमान लगाया है। फिलहाल एमसीएक्स पर सोने का स्पॉट रेट करीब ₹1.31 लाख प्रति 10 ग्राम पर है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जोखिम की दिशा अब भी “अपसाइड” यानी ऊंचाई की ओर झुकी हुई है। यदि रुपया उम्मीद से ज्यादा कमजोर होता है या अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की कीमतें अनुमान से ऊपर जाती हैं, तो घरेलू दाम और बढ़ सकते हैं।

ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) के पूर्व अध्यक्ष आनंद पद्मनाभन ने एएनआई से बातचीत में कहा था कि आने वाले महीनों में सोना ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा,

“वैश्विक और घरेलू बाजारों में सोने की रफ्तार अभूतपूर्व है। केंद्रीय बैंकों की भारी खरीद और चीन-जापान जैसे देशों की मजबूत मांग ने कीमतों को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।”

ICICI बैंक की रिपोर्ट में बताया गया कि गोल्ड ईटीएफ (Exchange Traded Funds) में निवेश लगातार मजबूत बना हुआ है। SPDR गोल्ड ईटीएफ की होल्डिंग 13 सितंबर 2025 के 975 टन से बढ़कर 13 अक्टूबर 2025 को 1015 टन हो गई।

हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि स्पेकुलेटिव (सट्टा) नेट लॉन्ग पोजीशन में पिछले महीने लगभग 8,000 कॉन्ट्रैक्ट्स की कमी आई है। बावजूद इसके, भारत में घरेलू सोने की कीमतें पिछले एक महीने में करीब 16 प्रतिशत तक बढ़ी हैं। इसका मुख्य कारण वैश्विक कीमतों में तेजी और रुपये की डॉलर के मुकाबले गिरावट रहा।

भारत में सोने का आयात भी अगस्त के USD 5.44 बिलियन से बढ़कर सितंबर में USD 9.6 बिलियन हो गया, जो यह दर्शाता है कि स्थानीय बाजार में मांग अब भी बेहद मजबूत है।

त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ सोने की खरीदारी में और तेजी आने की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक,

“भारत में त्योहारों और शादियों के मौसम में पारंपरिक तौर पर सोना आभूषण, सिक्के और बार के रूप में खरीदा जाता है। लेकिन हाल के महीनों में शहरी निवेशक गोल्ड ईटीएफ की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।”

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, सितंबर 2025 में भारत के फिजिकल-बैक्ड गोल्ड ईटीएफ में इतिहास का सबसे बड़ा मासिक निवेश प्रवाह दर्ज किया गया। निवेशकों ने शेयर बाजार की सुस्ती और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच सोने को सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में अपनाया है।
2025 का बाकी वर्ष सोने के लिए चमकदार साबित हो सकता है। रुपये की कमजोरी, वैश्विक निवेशकों की दिलचस्पी और केंद्रीय बैंकों की खरीद ने इसे और मजबूत बना दिया है। त्योहारों के इस सीजन में अगर रुझान ऐसे ही जारी रहे, तो सोना जल्द ही ₹1.45 लाख का स्तर पार कर सकता है — निवेशकों और ज्वेलरी बाजार दोनों के लिए यह “सुनहरा वक्त” साबित हो सकता है।

 

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