सोने की कीमतों में फिर उछाल: दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों में 24 कैरेट का भाव 1 लाख पार

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 29 अगस्त: पिछले हफ्ते आई गिरावट के बाद एक बार फिर सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। वैश्विक बाजार में ट्रंप टैरिफ टेंशन और डॉलर-रुपया विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के बीच शुक्रवार, 29 अगस्त 2025 को भारतीय बाजार में सोना महंगा हुआ। शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में जहां तेजी दर्ज की गई, वहीं सोने की कीमतों में भी उछाल देखा गया।

आज देश में 24 कैरेट सोना 1,00,261 रुपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है। वहीं, 22 कैरेट सोना 94,060 रुपये और 18 कैरेट सोना 76,960 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से उपलब्ध है।

दिल्ली और मुंबई में सोने का ताजा भाव

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,02,760 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना 94,210 रुपये, और 18 कैरेट सोना 77,090 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा है।

वहीं, आर्थिक राजधानी मुंबई में आज 24 कैरेट सोना 1,02,610 रुपये, 22 कैरेट सोना 94,060 रुपये, और 18 कैरेट सोना 76,960 रुपये पर मिल रहा है।

इसी तरह चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, केरल और पुणे में भी 24 कैरेट सोना 1,02,610 रुपये और 22 कैरेट सोना 94,060 रुपये पर उपलब्ध है।

कैसे तय होती है सोने की कीमत?

सोने और चांदी की कीमतें रोजाना कई वैश्विक और स्थानीय कारकों से प्रभावित होती हैं।

  1. डॉलर-रुपया विनिमय दर:
    चूंकि सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर में तय होती हैं, इसलिए डॉलर मजबूत होने पर भारत में सोना महंगा हो जाता है।
  2. आयात और कर:
    भारत में सोने का बड़ा हिस्सा आयात होता है। ऐसे में सीमा शुल्क (Import Duty), GST और अन्य कर सीधे सोने की कीमत पर असर डालते हैं।
  3. वैश्विक आर्थिक स्थिति:
    युद्ध, आर्थिक मंदी, ब्याज दरों में बदलाव या वैश्विक अस्थिरता के समय निवेशक सोने में पैसा लगाते हैं। इससे इसकी मांग और कीमत दोनों बढ़ जाती हैं।
  4. परंपरा और मांग:
    भारत में सोना केवल निवेश का जरिया नहीं बल्कि परंपरा और संस्कृति का हिस्सा भी है। शादी-ब्याह और त्योहारों पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है, जिससे मांग बढ़ती है और कीमतों पर असर पड़ता है।
  5. महंगाई से सुरक्षा:
    लंबे समय से सोना महंगाई के मुकाबले बेहतर रिटर्न देने वाला विकल्प रहा है। जब शेयर बाजार में जोखिम बढ़ता है तो निवेशक सोने को “सुरक्षित विकल्प” मानते हैं।

विशेषज्ञों की राय

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक तनाव और डॉलर की मजबूती के कारण सोने की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि त्योहारों का सीजन आने से भारत में मांग बढ़ेगी, जिससे दाम और ऊपर जा सकते हैं।

सोना भारत में न केवल निवेश बल्कि परंपरा और भावनाओं से भी जुड़ा हुआ है। मौजूदा हालात को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि आने वाले हफ्तों में सोने की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। निवेशकों और खरीदारों दोनों की नजर अब अगले महीने आने वाले त्योहारी सीजन पर टिकी है।

 

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