- सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने प्रेस काउंसिल अधिनियम, 1978 के तहत देश के प्रमुख मीडिया निकाय PCI के लिए 13 पत्रकारों की सूची अधिसूचित की है।
- इस सूची में 6 समाचार पत्र संपादक और 7 अन्य कार्यरत्त पत्रकार शामिल हैं जो देश के विभिन्न हिस्सों से प्रतिनिधित्व करते हैं।
- यह कदम देश में प्रेस की स्वतंत्रता को संरक्षित करने और समाचार पत्रों व एजेंसियों के मानकों में सुधार लाने की दिशा में उठाया गया है।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 08 अक्तूबर: भारतीय मीडिया जगत और विनियामक संस्थाओं से जुड़ी एक बड़ी खबर के तहत, केंद्र सरकार ने प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) का आधिकारिक रूप से पुनर्गठन कर दिया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) द्वारा जारी की गई नई अधिसूचना के अनुसार, देश के इस प्रमुख वैधानिक मीडिया निकाय में 13 कार्यरत्त पत्रकारों और संपादकों को बतौर सदस्य नामित किया गया है। प्रेस काउंसिल अधिनियम, 1978 के प्रावधानों के तहत उठाए गए इस कदम से काउंसिल की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।


संपादकों और कार्यरत्त पत्रकारों का हुआ चयन
प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पुनर्गठन के तहत जिन 13 सदस्यों को शामिल किया गया है, उन्हें दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इसमें 6 सदस्य ‘कार्यरत्त पत्रकार – संपादक श्रेणी’ (Working Journalists – Editors Category) से और 7 सदस्य ‘अन्य कार्यरत्त पत्रकार श्रेणी’ (Working Journalists – Other than Editors Category) से संबंध रखते हैं।
संपादक श्रेणी के नामांकित सदस्य: इस श्रेणी में प्रदीप कुमार जैन, सैयद रजा हुसैन रिजवी, अंकुर दुआ, अपर्णा शुक्ला, राज परवाना / नरेंद्र सिंह और विनोद बाजपेयी को शामिल किया गया है।
अन्य कार्यरत्त पत्रकारों के नामांकित सदस्य: इस श्रेणी में विनोद कोहली, गीतार्थ पाठक, प्रज्ञानानंद चौधरी, किंगशुक प्रमाणिक, सी.के. नायक, प्रसन्ना कुमार मोहंती और बिजॉय काछिंगताबम को बतौर सदस्य नामित किया गया है।
प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की भूमिका और महत्व
प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) देश का एक स्वायत्त और वैधानिक निकाय है, जिसका मुख्य उद्देश्य समाचार पत्रों और समाचार एजेंसियों की स्वतंत्रता को संरक्षित करना तथा देश में पत्रकारिता के स्तर व मानकों को ऊंचा उठाना है। काउंसिल का नेतृत्व न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई (सेवानिवृत्त) कर रहे हैं। इस निकाय में संसद सदस्यों (MPs), समाचार पत्र मालिकों के प्रतिनिधियों और विभिन्न शैक्षणिक व पेशेवर संस्थाओं जैसे बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI), विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और साहित्य अकादमी के विशेषज्ञ भी शामिल होते हैं।
मीडिया बिरादरी में स्वागत और आगे की प्रक्रिया
सरकार द्वारा जारी इस ताजा गजट नोटिफिकेशन के बाद मीडिया जगत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों से आए इन नए सदस्यों के शामिल होने से प्रेस काउंसिल को जमीनी स्तर पर मीडिया की चुनौतियों को समझने और निष्पक्ष रूप से फैसले लेने में और अधिक बल मिलेगा। उम्मीद की जा रही है कि नवनियुक्त सदस्य प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।
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