गुजरात बना वैश्विक निवेश का हब, CM भूपेंद्र पटेल ने राजनयिकों संग साझा की विकास गाथा

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 5 सितंबर: नई दिल्ली में आयोजित एक संवादात्मक सत्र में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य की मजबूत आर्थिक स्थिति और वैश्विक आकर्षण को रेखांकित किया। इस सत्र में लगभग 45 देशों के राजदूत, उच्चायुक्त और प्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने बताया कि गुजरात ने अब तक 69 अरब डॉलर का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) आकर्षित किया है और भारत के निर्यात में 27 प्रतिशत योगदान देता है।

वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन की तैयारी

यह सत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाले वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन (VGRC) की पूर्व संध्या पर हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2003 में शुरू हुआ वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट अब वैश्विक निवेश का बड़ा मंच बन चुका है। इसके चलते गुजरात पारंपरिक वाणिज्यिक राज्य से आगे बढ़कर AI, स्पेसटेक, सेमीकंडक्टर्स, फिनटेक, रक्षा एवं एयरोस्पेस, इलेक्ट्रिक वाहन और हरित ऊर्जा जैसे नए उद्योगों का हब बन गया है।

निवेशकों के लिए आकर्षक वातावरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात ने पिछले दो दशकों में नीति-आधारित शासन, निवेशक-मित्र वातावरण और अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे के जरिए वैश्विक निवेशकों का विश्वास जीता है। उन्होंने कहा कि गुजरात न केवल विकास और स्थिरता का प्रतीक है बल्कि यह वैश्विक स्तर पर भी एक विश्वसनीय भागीदार बन चुका है।

कनेक्टिविटी और औद्योगिक ताकत

सीएम पटेल ने बताया कि गुजरात की देश की सबसे लंबी तटरेखा, 49 बंदरगाह और पीएम गति शक्ति योजना के तहत बने बहु-मॉडल परिवहन नेटवर्क ने राज्य को लॉजिस्टिक्स और निर्यात का हब बना दिया है। प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, गुजरात देश के औद्योगिक उत्पादन में 18% योगदान देता है।

VGRC का महत्व और क्षेत्रीय विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि VGRC वाइब्रेंट गुजरात की सफलता को राज्य के हर क्षेत्र में फैलाने का माध्यम है। यह MSMEs को सशक्त करेगा, क्षेत्रीय संतुलित विकास को बढ़ावा देगा और वैश्विक निवेशकों को स्थानीय अवसरों से जोड़ेगा। उन्होंने राजनयिक समुदाय को VGRC के विषय “क्षेत्रीय आकांक्षाएं, वैश्विक महत्वाकांक्षाएं” से जुड़ने का निमंत्रण दिया।

केंद्र और राज्य अधिकारियों की भागीदारी

इस अवसर पर आर्थिक मामलों के मंत्रालय के सचिव सुधाकर डलेला ने कहा कि VGRC क्षेत्रीय ताकतों को प्रदर्शित करने और स्थानीय आकांक्षाओं को विकसित भारत @2047 और विकसित गुजरात @2047 की दृष्टि से जोड़ने का मंच बनेगा।

इसके अलावा मुख्य सचिव पंकज जोशी, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव एम.के. दास, उद्योगों की प्रधान सचिव ममता वर्मा और आर्थिक कूटनीति विभाग के संयुक्त सचिव पी.एस. गंगाधर ने भी सत्र को संबोधित किया।

यह संवादात्मक सत्र सिर्फ एक परिचर्चा नहीं बल्कि गुजरात की वैश्विक महत्वाकांक्षा का प्रतीक था। CM भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात ने न केवल निवेश आकर्षित किया है बल्कि खुद को भारत की आर्थिक रीढ़ और वैश्विक विकास साझेदार के रूप में स्थापित किया है।

 

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