गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश पर्व पर अमित शाह, नितिन गडकरी, सीएम योगी ने किया नमन

दशम गुरु के अद्वितीय बलिदान, खालसा पंथ की स्थापना और ‘सरबंसदानी’ परंपरा को नेताओं ने किया स्मरण

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 27 दिसंबर: सिख धर्म के दशम गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी का पावन प्रकाश पर्व देशभर में श्रद्धा, आस्था और सम्मान के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने गुरु गोबिंद सिंह जी को नमन कर उनके अद्वितीय त्याग, साहस और धर्मरक्षा के संदेश को स्मरण किया।

अमित शाह ने ‘सरबंसदानी’ परंपरा को किया स्मरण

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि गुरु गोबिंद सिंह अन्याय के विरुद्ध संघर्ष और मानवता की रक्षा के प्रतीक थे। उन्होंने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपने चारों पुत्रों, माता गुजरी जी सहित स्वयं का सर्वोच्च बलिदान दिया। इसी अद्वितीय त्याग के कारण उन्हें ‘सरबंसदानी’ कहा जाता है। अमित शाह ने कहा कि खालसा पंथ की स्थापना कर गुरु साहिब ने सिख धर्म को सेवा के साथ-साथ रक्षा का सशक्त आधार प्रदान किया।

नितिन गडकरी बोले— विचार सदियों तक प्रेरणा देंगे

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गुरु गोबिंद सिंह जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका जीवन और उनके विचार आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरणा देते रहेंगे। उन्होंने प्रकाश पर्व के अवसर पर गुरु साहिब को कोटि-कोटि नमन करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया।

सीएम योगी ने साहस और धर्मरक्षा को बताया प्रेरणास्रोत

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु गोबिंद सिंह जी को साहस, त्याग और धर्मयोद्धा की प्रतिमूर्ति बताया। उन्होंने कहा कि अन्याय और अधर्म के विरुद्ध गुरु साहिब का संघर्ष संपूर्ण मानवता को सत्य, निष्ठा और निर्भीकता के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है।

सीएम धामी ने बताया सत्य और समर्पण का प्रतीक

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरु गोबिंद सिंह जी के जीवन को साहस, सत्य और समर्पण का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की शौर्यगाथा यह शिक्षा देती है कि धर्म का वास्तविक अर्थ अन्याय के विरुद्ध निर्भीक होकर संघर्ष करना है।

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