गुस्ताखी माफ़ हरियाणा- पवन कुमार बंसल l

गुस्ताखी माफ़ हरियाणा- पवन कुमार बंसल l

बिन संगठन कैसे कर पाएगी कांग्रेस ,तेज तर्रार भाजपा का मुकाबला l

लंबे समय से हरियाणा में कांग्रेस का संघटन नहीं है वो भी जब लोकसभा और विधानसभा चुनाव सिर पर है l यहां है हुडा कांग्रेस,किरण कांग्रेस, रणदीप और शैलजा कांग्रेस l उधर भाजपा के पास संगठन और पन्ना प्रमुख l बेतहाशा चुनाव फंड l कांग्रेस के नेता सोचते हैं कि मनोहर लाल सरकार की जन विरोधी नीतियों से नाराज लोग आपने आप कांग्रेस को सत्ता में ला देंगे और रात को मुख्यमंत्री बन कर सोते हैं l ठेठ हरियाणवी में इसे “सपने में गभान होना कहते हैं l” मतलब किसी औरत को लंबे समय से बच्चा नहीं हो रहा था तो वो सपने में अपने आपको गर्भवती समझ कर सोती थी लेकिन सुबह उठते ही फिर वहीं बांझ l

सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ कोई आंदोलन चलाने की बजाय बस ट्वीट करके समझते हैं कि हमने कुरूक्षेत्र का या पानीपत का युद्ध जीत लिया l भाजपा के तरकश में मोदी का च्द्रमुखी चेहरा और पैंतीस बनाम एक भी है l फिर नारेटिव गढ़ने के लिए मीडिया है l को करोड़ों रुपए के विज्ञापन दिए जा रहे हैं वे एहसान का बदला तो अदा करेंगे l

मित्रो अखबारों और खासतौर पर हिंदी के अखबारों में आजकल जो कुछ भी छप रहा है वो इन्हीं विज्ञापनों का कमाल है l अखबार के पास बनी हुई स्टोरी भेजी जाती है और वहा पर रिपोर्टर महोदय उसपर अपनी बाइलाइन लगा कोमा तक भी बदले बिना संपादक को देता है और अगले दिन पहले पन्ने पर बॉटम आइटम के रूप में छपती है l कहते हैं कि दाई से पेट नहीं छुप सकता l सो अपन ख़बर देखते ही भांप लेते हैं कि यह भाषा पत्रकार की नहीं है l परसो ही एक राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक के ब्यूरो चीफ ने राजस्थान के मुख्यमंत्री बनने का हरियाणा में भाजपा को क्या लाभ होगा का विश्लेषण करते हुए लंबे लेख में लिखा” राजस्थान में जाट मुख्यमंत्री (अशोक गहलोत) की जगह भाजपा द्वारा ब्राह्मण को मुख्यमंत्री बनाने का भाजपा को हरियाणा में लाभ होगा  l ऐसा नहीं कि रिपोर्टर को यह नहीं पता था कि गहलोत जाट नहीं है ll

ऐसा नहीं है कि अकेले भाजपा ही मीडिया को रोटी का टुकड़ा डालकर अपने पक्ष में भोन भों करवा रही है l पॉवर में रहते कांग्रेस ने भी इसका भरपूर लाभ उठाया l आज से करीब चौदह साल पहले हुए लोकसभा  चुनाव में कांग्रेस पार्टी का मीडिया मैनेजमेंट देख रहे एक सज्जन के मुताबिक” हमने हिन्दी के प्रमुख अखबारों के दो पेज खरीद लिए थे जिनमें वहीं छपता था जो हम भेजते थे l पांच बजे उन सभी को अलग अलग सामग्री भेज दी जाती जो अगले दिन सुबह उस अखबार के रिपोर्टर के नाम से छप जाती l

एक बार गलती से सभी अखबारों में गलती से एक ही समग्री भेज दी गई l और अगले दिन द्रौपदी के पांच पतियों की तरह पांच अखबारों में वहीं सामग्री छप गई l सो मेरे जागरूक पाठको अखबार में जो छपता है वो विज्ञापन रूपी टॉनिक का असर होता है l दुमछला l. उस अखबार की खबर की कटिंग सलंग्न है ताकि जागरूक पाठक खुद फैसला कर ले की को छपता है वो कितना सत्य है l

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