- परिचालन तिथि: 22 फरवरी 2026 से घरेलू उड़ानों की शुरुआत।
- विशाल क्षमता: सालाना 1.31 करोड़ यात्रियों को सेवा देने की क्षमता, जो पुराने टर्मिनल से लगभग चार गुना अधिक है।
- सांस्कृतिक पहचान: असमिया ‘जापी’ मोटिफ्स और 80 फीट ऊँची लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई की प्रतिमा से सुसज्जित।
- आर्थिक प्रभाव: ₹5,000 करोड़ के कुल निवेश (MRO सुविधाओं सहित) से क्षेत्र में रोजगार और व्यापार के नए अवसर खुलेंगे।
समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी ,असम, 16 फरवरी : असम और संपूर्ण पूर्वोत्तर भारत के हवाई यातायात के इतिहास में 22 फरवरी का दिन एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। गुवाहाटी स्थित लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतर्राष्ट्रीय (LGBI) हवाई अड्डे का नवनिर्मित अत्याधुनिक टर्मिनल 2 (T2) घरेलू विमानों के परिचालन के लिए पूरी तरह तैयार है। रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस बहुप्रतीक्षित विकास की आधिकारिक घोषणा की।
घरेलू उड़ानों का नया पता, अंतरराष्ट्रीय के लिए अभी पुरानी व्यवस्था मुख्यमंत्री सरमा ने स्पष्ट किया कि 22 फरवरी से सभी घरेलू उड़ानें नए टर्मिनल से संचालित की जाएंगी। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को थोड़ा और इंतजार करना होगा; फिलहाल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन पुराने टर्मिनल से ही जारी रहेगा। यह कदम यात्रियों की बढ़ती संख्या और हवाई अड्डे पर होने वाली भीड़भाड़ को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
असमिया संस्कृति और आधुनिकता का अनूठा संगम लगभग 4,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह टर्मिनल केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतिबिंब है। ‘बैम्बू ऑर्किड्स’ (Bamboo Orchids) थीम पर आधारित इस टर्मिनल की वास्तुकला में असम के प्रसिद्ध ‘कोपौ फूल’ (फॉक्सटेल ऑर्किड) और स्थानीय बांस की शिल्पकला की झलक मिलती है। यह भारत का पहला ऐसा टर्मिनल है जो ‘नेचर-थीम’ पर आधारित है, जिसमें यात्रियों को इनडोर फॉरेस्ट जैसा अनुभव देने के लिए एक लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं।
क्षमता और सुविधाएँ : विश्व स्तरीय मानकों की ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 20 दिसंबर, 2025 को उद्घाटन किए गए इस टर्मिनल की सालाना क्षमता 1.3 करोड़ यात्रियों को संभालने की है।
-
उन्नत सुरक्षा: टर्मिनल में डिजीयात्रा (DigiYatra) की सुविधा है, जिससे पेपरलेस और कॉन्टैक्टलेस यात्रा संभव होगी।
-
बेडरूम जैसी सुविधाएं और तेज़ प्रोसेसिंग: यहाँ 64 चेक-इन काउंटर और आधुनिक बैगेज हैंडलिंग सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों का समय बचेगा।
-
कनेक्टिविटी में उछाल: अधिकारियों का मानना है कि T2 के चालू होने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए भारत के ‘एक्ट ईस्ट’ गेटवे के रूप में भी उभरेगा।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.