साइबर हरियाणा की सतर्क निगरानी, हजार से अधिक आपत्तिजनक कड़ियाँ चिन्हित

साइबर हरियाणा का बड़ा अभियान: भ्रामक और राष्ट्र-विरोधी कंटेंट पर करारा प्रहार

समग्र समाचार सेवा
चंडीगढ़ |17 जनवरी: इंटरनेट और ऑनलाइन मंचों पर बढ़ती अवैध गतिविधियों के खिलाफ हरियाणा पुलिस ने व्यापक अभियान शुरू किया है। यह कार्रवाई इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से की जा रही है। बीते लगभग एक महीने से साइबर हरियाणा की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं, ताकि राष्ट्र-विरोधी, धर्म-विरोधी, भ्रामक और सार्वजनिक शांति भंग करने वाली सामग्री को समय रहते रोका जा सके।

1,018 आपत्तिजनक कड़ियाँ चिन्हित

इस अभियान के तहत अब तक 1,018 आपत्तिजनक कड़ियों और प्रोफाइल की पहचान कर रिपोर्ट की गई है। इनमें से 583 को संबंधित इंटरनेट मंचों द्वारा हटा दिया गया है या अवरुद्ध कर दिया गया है। शेष 435 मामलों की जाँच विभिन्न चरणों में है और जल्द कार्रवाई की जाएगी।

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत कार्रवाई

साइबर टीमें प्रतिदिन ऐसी पोस्ट, चित्र और वीडियो की पहचान कर रही हैं जिनसे भ्रम फैलता है या सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुँच सकता है। ऐसी सामग्री सामने आते ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79(3)(बी) के तहत संबंधित मंचों को नोटिस जारी कर तत्काल हटाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

ठगी वाले निवेश और व्यापार ऐप्स पर शिकंजा

हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने बताया कि बढ़ती साइबर ठगी को देखते हुए 12 जनवरी से एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत देशभर में संचालित संदिग्ध निवेश और व्यापार ऐप व चैनलों की पहचान की गई। अब तक 28 ऐसे माध्यम सामने आए हैं, जिनमें से 14 को हटाया जा चुका है, जबकि शेष पर कार्रवाई अंतिम चरण में है।

भड़काऊ जानकारी फैलाने वालों पर सख्ती

पुलिस महानिदेशक ने स्पष्ट किया कि झूठी या भड़काऊ जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इंटरनेट मंच समाज और युवाओं पर गहरा प्रभाव डालते हैं और एक गलत संदेश भी शांति भंग कर सकता है।

नागरिकों से सतर्क रहने की अपील

नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे किसी भी संदिग्ध कड़ी पर क्लिक न करें, निवेश से पहले किसी भी ऐप की पूरी जांच करें और बिना सत्यापन के कोई सामग्री साझा न करें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते धनराशि को रोका जा सके और दोषियों पर कार्रवाई हो।

सुरक्षित डिजिटल वातावरण का लक्ष्य

एडीजीपी साइबर शिबाश कबीराज ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य एक सुरक्षित, जागरूक और भरोसेमंद डिजिटल वातावरण तैयार करना है। पुलिस का मानना है कि जनता के सहयोग से अवैध सामग्री, अफवाहों और ऑनलाइन ठगी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

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