कोरोना का कहर एक बार फिर: भारत समेत कई देशों में बढ़े मामले, थाईलैंड में 50 हज़ार केस

दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप से चिंतित है। भारत समेत कई देशों में कोविड-19 के नए मामलों में तेजी देखी जा रही है। स्वास्थ्य विभागों और अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है, जबकि लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।

थाईलैंड में हालात बिगड़ते जा रहे

थाईलैंड में महज एक हफ्ते में कोरोना के 50 हज़ार से अधिक नए मामले दर्ज किए गए हैं। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस तेज़ी के पीछे ओमिक्रॉन XEC वैरिएंट का हाथ है, जो मौसमी फ्लू की तुलना में सात गुना तेज़ी से फैल रहा है।

डिपार्टमेंट ऑफ डिजीज कंट्रोल के प्रवक्ता जुराई वोंगसावत के अनुसार, 11 से 17 मई के बीच 49,065 मामले सामने आए, जबकि इसके बाद 12,524 नए मरीज दर्ज किए गए। हालांकि, बड़े पैमाने पर टीकाकरण और एंटी-वायरल उपचारों के चलते मृत्यु दर महज़ 0.02% रही है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि यह लहर 2 से 3 महीने तक रह सकती है। सरकार ने कमजोर वर्गों के लिए मुफ्त वैक्सीनेशन की घोषणा की है, हालांकि बूस्टर डोज़ मुफ्त नहीं होंगे।

भारत में फिर बढ़ने लगे कोविड मामले

भारत में भी कोरोना के मामलों में इजाफा देखा जा रहा है। गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, केरल, और कर्नाटक जैसे राज्यों में नए केस सामने आए हैं।

  • गुजरात में पिछले 24 घंटों में 50 नए मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 17 केस अकेले अहमदाबाद से हैं।
  • महाराष्ट्र में 45 नए मरीज, जिनमें 35 सिर्फ मुंबई से हैं। जनवरी से अब तक 6,819 टेस्ट में 210 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं।
  • दिल्ली में 23 सक्रिय केस हैं।
  • केरल (95), तमिलनाडु (66) और महाराष्ट्र (56) सबसे अधिक प्रभावित राज्य हैं।

बच्चों और बुजुर्गों को सतर्क रहने की सलाह

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 4 नए मामले आए हैं, जबकि कर्नाटक में 9 महीने का बच्चा संक्रमित पाया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और क्रॉनिक बीमारियों से ग्रसित लोगों का विशेष ध्यान रखें।

JN.1 वैरिएंट के लक्षणों में ठंड लगना, खांसी, बुखार और सिरदर्द प्रमुख हैं। अस्पतालों को ऑक्सीजन बेड और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

चीन, हांगकांग और सिंगापुर में भी संक्रमण की रफ्तार तेज

थाईलैंड के अलावा चीन, हांगकांग, और सिंगापुर में भी कोविड के नए मामलों में तेज़ी देखी जा रही है। इन क्षेत्रों में भी ओमिक्रॉन सबवैरिएंट्स के चलते संक्रमण फैलने की खबर है।कोरोना की नई लहर ने फिर से चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते सतर्कता बरती गई, तो इस लहर को रोका जा सकता है। मास्क पहनना, भीड़ से बचना और हाथों की साफ-सफाई जैसे बुनियादी उपाय ही फिलहाल सबसे बड़ा हथियार हैं।

 

Comments are closed.