स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी की किसानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि: आत्मनिर्भर कृषि और सिंधु जल अधिकार पर बड़ा ऐलान
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 15 अगस्त: 79वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के किसानों, पशुपालकों और मछुआरों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। उन्होंने उन्हें “राष्ट्र की आत्मनिर्भरता का आधार” बताते हुए कहा कि आज जो समृद्ध भारत हम देखते हैं, उसके पीछे किसानों की पीढ़ियों की कठिन मेहनत और त्याग है।
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि औपनिवेशिक शासन ने भारत को आर्थिक रूप से कमजोर कर दिया था, लेकिन हमारे किसानों ने अन्न भंडार भरकर देश को खाद्य संप्रभुता की दिशा में आगे बढ़ाया।
किसान – भारत की समृद्धि की नींव
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था का सीधा लाभ ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। उन्होंने गर्व से बताया कि:
- दूध, दलहन और जूट उत्पादन में भारत विश्व में पहले स्थान पर है।
- चावल, गेहूं, कपास, फल और सब्जियों में दूसरे स्थान पर है।
- कृषि निर्यात ₹4 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।
कृषि क्षेत्र के असमान विकास को कम करने के लिए प्रधानमंत्री ने “पीएम धन्य धान्य कृषि योजना” की घोषणा की, जिसका लक्ष्य देश के 100 पिछड़े कृषि जिलों में उत्पादन और आय बढ़ाना है।
सिंधु जल संधि पर सख्त रुख
अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने सिंधु जल संधि को अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि इस व्यवस्था ने भारतीय किसानों को उनके हिस्से के पानी से वंचित किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अब अपने जल अधिकार के लिए खड़ा होगा और एकतरफा नुकसानदेह समझौते को स्वीकार नहीं करेगा।
कृषि आत्मनिर्भरता – उर्वरक और निवेश पर फोकस
प्रधानमंत्री ने चेताया कि भारत की खाद्य सुरक्षा आयात पर निर्भर नहीं रह सकती। उन्होंने उर्वरकों और अन्य आवश्यक कृषि आदानों के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि किसान मजबूत और स्वतंत्र हों।
उन्होंने कहा, “यह केवल किसानों के लिए नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक संप्रभुता के लिए भी जरूरी है।”
योजनाओं का असर – आत्मविश्वासी किसान
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले वर्षों में लागू की गई योजनाओं ने किसानों का आत्मविश्वास बढ़ाया है।
इनमें शामिल हैं:
- पीएम किसान सम्मान निधि
- वर्षा जल संचयन और सिंचाई परियोजनाएं
- गुणवत्तापूर्ण बीज वितरण
- समय पर उर्वरक आपूर्ति
इन पहलों ने छोटे किसानों से लेकर मछुआरों और पशुपालकों तक, सभी के जीवन में बदलाव लाया है।
किसानों के हितों के लिए ‘दीवार’
प्रधानमंत्री मोदी ने अपना संबोधन एक मजबूत संकल्प के साथ समाप्त किया:
“भारत के किसानों, पशुपालकों और मछुआरों से जुड़ी किसी भी अहितकारी नीति के आगे मोदी दीवार बनकर खड़ा है। भारत अपने किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।”
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