समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 24 जुलाई: बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भारतीय राष्ट्रीय विकास समावेशी गठबंधन (INDIA) ने गुरुवार को संसद परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। लगातार चौथे दिन विपक्षी सांसदों ने इस प्रक्रिया को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग की। संसद के मकर द्वार के सामने हुए इस प्रदर्शन में कई वरिष्ठ नेता और प्रमुख विपक्षी दलों के सांसद शामिल हुए।
#WATCH | Delhi: INDIA bloc MPs stage a protest outside the Parliament, against the Special Intensive Revision (SIR) exercise being carried out by the Election Commission of India ahead of the Bihar Assembly Elections. pic.twitter.com/Cmuiwr8c83
— ANI (@ANI) July 24, 2025
SIR को लेकर विपक्ष का आरोप है कि यह प्रक्रिया एक सुनियोजित साजिश है, जिसके माध्यम से मतदाता सूची में हेराफेरी की जा रही है और दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों के नाम जानबूझकर हटाए जा रहे हैं।
मकर द्वार पर लगा ‘लोकतंत्र पर वार’ का बैनर
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की प्रियंका गांधी, शिवसेना (यूबीटी) की प्रियंका चतुर्वेदी, आरजेडी के मनोज झा, JMM की महुआ मांझी और विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई जैसे कई नेता मौजूद रहे। सांसदों ने ‘SIR – लोकतंत्र पर हमला’ और ‘SIR वापस लो’ जैसे बैनर और नारे लगाकर सरकार को घेरा।
#WATCH | Delhi: INDIA bloc MPs stage a protest outside the Parliament, against the Special Intensive Revision (SIR) exercise being carried out by the Election Commission of India ahead of the Bihar Assembly elections pic.twitter.com/0Qhe7EqfQW
— ANI (@ANI) July 24, 2025
इस विरोध के जरिए विपक्ष यह संदेश देना चाह रहा है कि संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह लोकतंत्र के मूल स्तंभों की रक्षा की जाएगी। विरोधियों का कहना है कि यह मुद्दा केवल बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक ढांचे से जुड़ा प्रश्न बन चुका है।
संसद में चर्चा की मांग और स्थगन प्रस्ताव
राज्यसभा में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने शून्यकाल और प्रश्नकाल स्थगित करने की मांग करते हुए SIR पर केंद्रित चर्चा की माँग की। रजनी पाटिल, नीरज डांगी, रंजीत रंजन, अखिलेश सिंह जैसे सांसदों ने इस मुद्दे पर सरकार से जवाबदेही की मांग की है।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी इस मसले को और गंभीर बताते हुए कहा कि जब सत्तारूढ़ गठबंधन के सांसद गिरिधारी यादव भी SIR पर सवाल उठा रहे हैं, तो संसद में इस पर बहस से सरकार क्यों भाग रही है
SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दरार
जेडीयू सांसद गिरिधारी यादव ने अपने बयान में सवाल उठाया कि अगर लोकसभा चुनाव में मतदाता सूची सही थी, तो अब विधानसभा चुनाव में उसमें गलती कैसे हो सकती है। यह टिप्पणी सत्ता पक्ष के भीतर से उठी असहमति की एक स्पष्ट झलक थी, जो INDIA गठबंधन के विरोध को और बल देती है।
SIR के जरिए मतदाताओं की नागरिकता, स्थायित्व और राजनीतिक अधिकारों को लेकर जो संदेह उत्पन्न हो रहे हैं, उन्होंने बिहार की राजनीति को गर्मा दिया है और संसद की कार्यवाही को लगातार बाधित कर दिया है।
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