राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बोत्सवाना की नेशनल असेंबली को संबोधित किया

विकसित भारत 2047’ और अफ्रीका के ‘एजेंडा 2063’ को बताया साझा विकास का आधार, व्यापार जगत से मिलकर काम करने की अपील

  • राष्ट्रपति मुर्मू ने बोत्सवाना की संसद को संबोधित कर लोकतंत्र व सुशासन की सराहना की।
  • शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक, कृषि, रक्षा और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने पर जोर।
  • भारतीय और बोत्सवाना के व्यवसायों से उभरते आर्थिक अवसरों का लाभ उठाने की अपील।
  • DTCB और थ्री दिक्गोसी मॉन्यूमेंट का दौरा कर हीरा उद्योग व स्वतंत्रता आंदोलन का गौरव जाना।

समग्र समाचार सेवा
गैबोरोन, 13 नवंबर:भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बोत्सवाना की नेशनल असेंबली को संबोधित करते हुए दोनों देशों के बीच लोकतांत्रिक मूल्यों, भरोसे और साझा विकास लक्ष्यों पर आधारित मजबूत साझेदारी को रेखांकित किया। उन्हें स्पीकर दिथापेलो एल. कियोरापेटसे, डिप्टी स्पीकर और नेता प्रतिपक्ष ने औपचारिक रूप से स्वागत किया।

राष्ट्रपति ने कहा कि बोत्सवाना अफ्रीका में लोकतंत्र और सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां संसाधनों का उपयोग आम जनता के उत्थान और समान विकास के लिए किया जाता है। उन्होंने बताया कि भारत और बोत्सवाना के बीच संबंध शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक, कृषि, रक्षा, व्यापार और निवेश जैसे क्षेत्रों में लगातार मजबूत हुए हैं।

उन्होंने विशेष रूप से क्षमता निर्माण में भारत की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में बोत्सवाना के एक हजार से अधिक युवा भारत में प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटे हैं। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि ऐसे अवसरों की आवश्यकता है जो उन्हें अपने कौशल और रचनात्मकता को देश के विकास में लगाने का अवसर दें।

राष्ट्रपति ने कहा कि जैसे-जैसे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएँ आधुनिक होती जा रही हैं, हीरा उद्योग, ऊर्जा, सप्लाई चेन, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल इनोवेशन, फार्मास्यूटिकल्स और माइनिंग जैसे क्षेत्रों में व्यापक संभावनाएँ खुल रही हैं। उन्होंने भारत और बोत्सवाना के व्यापारिक समुदायों से मिलकर इन अवसरों का लाभ उठाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि भारत का “विकसित भारत 2047” विज़न और अफ्रीका का “एजेंडा 2063” एक साझा विकास रोडमैप प्रस्तुत करते हैं, जो वैश्विक दक्षिण को मजबूत आवाज दे सकता है और बहुपक्षीय सुधारों को गति दे सकता है।

इससे पहले, राष्ट्रपति मुर्मू ने डायमंड ट्रेडिंग कंपनी बोत्सवाना (DTCB) का दौरा किया और rough diamond sorting प्रक्रिया को समझा। इसके बाद उन्होंने गाबोरोन स्थित थ्री दिक्गोसी मॉन्यूमेंट पर पहुंचकर स्वतंत्रता आंदोलन के तीन प्रमुख नेताओं,खामा III, सेबेले I और बाथोएन I को श्रद्धांजलि दी।

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