समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 20 सितंबर: भारत और कनाडा के रिश्तों में आई कड़वाहट के बीच एक सकारात्मक संकेत सामने आया है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने नई दिल्ली में कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया सलाहकार (NSIA) नथाली जी. ड्रौइन से मुलाकात की। यह बैठक दोनों देशों के बीच नियमित सुरक्षा संवाद का हिस्सा थी, लेकिन बीते एक साल के तनावपूर्ण हालात को देखते हुए इसका महत्व और बढ़ गया।
खालिस्तानी विवाद से बिगड़े रिश्ते
भारत और कनाडा के बीच संबंध तब बिगड़े जब कनाडा ने भारत पर खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में संलिप्तता का आरोप लगाया। भारत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी और कनाडाई दूतावास में कर्मचारियों की संख्या कम करने पर जोर दिया। इसके बाद भारत ने वीजा सेवाओं पर भी रोक लगा दी। वहीं, कनाडा ने कई भारतीय राजनयिकों को वापस बुला लिया और खालिस्तानी गतिविधियों के खिलाफ ठोस कदम उठाने से बचता रहा। इन घटनाओं ने दोनों देशों के रिश्तों को गहरे संकट में डाल दिया।
सुधार की उम्मीदें बढ़ीं
हाल ही में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की मुलाकात हुई थी। उसी कड़ी में नई दिल्ली में हुई यह बैठक रिश्तों में सुधार की दिशा में अहम मानी जा रही है।
बैठक में आतंकवाद-रोधी सहयोग, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध पर लगाम और खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान जैसे मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि आपसी विश्वास बहाली और रिश्तों को सामान्य करना समय की जरूरत है।
आगे का रास्ता
कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और कनाडा के बीच संवाद की यह पहल रिश्तों में आई खटास को दूर करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, असली चुनौती खालिस्तानी गतिविधियों और सुरक्षा मुद्दों पर ठोस कार्रवाई से जुड़ी है। अगर इन मामलों में दोनों पक्ष संतुलन बना पाते हैं, तो आने वाले समय में भारत-कनाडा रिश्ते नई दिशा ले सकते हैं।
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