छठी पीढ़ी की दूरसंचार तकनीक पर भारत–यूरोपीय संघ की रणनीतिक साझेदारी और मजबूत
अनुसंधान, मानकीकरण और सुरक्षित नेटवर्क विकास के लिए दोनों पक्षों ने सहयोग बढ़ाने पर जताई साझा
-
छठी पीढ़ी की तकनीक में भारत–यूरोपीय संघ सहयोग मजबूत करने पर सहमति
-
अनुसंधान, नवाचार और मानकीकरण में साझा प्रयास
-
भरोसेमंद और सुरक्षित दूरसंचार आपूर्ति व्यवस्था पर जोर
-
वैश्विक स्तर पर आपस में जुड़ सकने वाले मानकों के विकास का लक्ष्य
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 29 जनवरी: भारत और यूरोपीय संघ ने अगली पीढ़ी की डिजिटल तकनीकों, विशेष रूप से छठी पीढ़ी की दूरसंचार तकनीक, के क्षेत्र में अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। इस सहयोग का उद्देश्य सुरक्षित, भरोसेमंद और भविष्य के अनुकूल डिजिटल ढांचे का निर्माण करना है।
शिखर सम्मेलन के बाद संयुक्त बयान
भारत–यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के बाद जारी संयुक्त बयान में भारत की भारत 6जी गठबंधन और यूरोपीय संघ की 6जी स्मार्ट नेटवर्क एवं सेवा उद्योग संस्था के बीच सहयोग का स्वागत किया गया। इस साझेदारी के तहत छठी पीढ़ी नेटवर्क से जुड़े अनुसंधान और नवाचार की प्राथमिकताओं को एक-दूसरे के अनुरूप किया जाएगा।
नेटवर्क संरचना में सुरक्षा को प्राथमिकता
दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि छठी पीढ़ी के नेटवर्क की रूपरेखा तैयार करते समय पारदर्शिता, आपसी संगतता और सुरक्षा को प्रारंभ से ही शामिल किया जाना चाहिए। यह उद्योग आधारित साझेदारी मजबूत और विविध दूरसंचार आपूर्ति व्यवस्था के विकास में सहायक होगी।
अनुसंधान और मानक निर्माण में सहयोग
भारत और यूरोपीय संघ ने छठी पीढ़ी तकनीक के अनुसंधान, विकास, परीक्षण और मानकीकरण में सहयोग को अत्यंत आवश्यक बताया। साथ ही, वैश्विक स्तर पर ऐसे मानकों के निर्माण की साझा प्रतिबद्धता दोहराई गई, जिनसे नवाचार, प्रतिस्पर्धा और समावेशी डिजिटल विकास को बढ़ावा मिल सके।
राष्ट्रीय छठी पीढ़ी दृष्टि के अनुरूप पहल
यह साझेदारी भारत की राष्ट्रीय छठी पीढ़ी दृष्टि के अनुरूप है, जिसका नेतृत्व दूरसंचार विभाग कर रहा है। इसका लक्ष्य भारत को छठी पीढ़ी तकनीक के विकास में एक वैश्विक योगदानकर्ता और अग्रणी देश के रूप में स्थापित करना है, साथ ही सुरक्षित, किफायती और टिकाऊ डिजिटल ढांचा सुनिश्चित करना भी है।
दो हजार तीस तक की संयुक्त रणनीति को मंजूरी
सत्ताईस जनवरी को आयोजित सोलहवें भारत–यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में ‘दो हजार तीस की ओर: संयुक्त भारत–यूरोपीय संघ व्यापक रणनीतिक कार्यसूची’ को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य सुरक्षित डिजिटल ढांचे पर अनुभव साझा करना और भरोसेमंद दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में सहयोग बढ़ाना है।
समझौता ज्ञापन के तहत सहयोग
भारत 6जी गठबंधन, जिसमें भारतीय उद्योग, शिक्षाविद, राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान और मानक निर्धारण संगठन शामिल हैं, को सरकार का समर्थन प्राप्त है। यूरोपीय संघ की 6जी संस्था के साथ हुए समझौता ज्ञापन के तहत छठी पीढ़ी की दृष्टि, नेटवर्क संरचना, नए उपयोग क्षेत्रों की पहचान और पाँचवीं पीढ़ी से आगे तथा छठी पीढ़ी के वैश्विक मानकों के विकास पर संयुक्त रूप से काम किया जाएगा। इससे भारतीय और यूरोपीय अनुसंधान संस्थानों तथा उद्योगों के बीच सहयोग और सशक्त होगा।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.