- पीएम मोदी ने परीक्षा सुधारों के लिए टास्क फोर्स बनाई
- नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम
- टेक्नोलॉजी, सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स, प्रशासनिक विशेषज्ञ शामिल
- परीक्षा प्रणाली को लीक-प्रूफ, पारदर्शी और सुरक्षित बनाना लक्ष्य
- टास्क फोर्स सरकार को देगी समयबद्ध रिपोर्ट
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 27 जुलाई:देश की परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नंदन नीलेकणि की अगुवाई में एक नई टास्क फोर्स गठित की है। टास्क फोर्स का लक्ष्य है—परीक्षाओं को लीक-प्रूफ, पारदर्शी और सुरक्षित बनाना। इसमें टेक्नोलॉजी, सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स और प्रशासन के विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं।
टास्क फोर्स की मुख्य ताकतें:
- नंदन नीलेकणि: टेक्नोलॉजी और डेटा सिक्योरिटी में माहिर, आधार-यूपीआई जैसे पारदर्शी सिस्टम के अनुभव के साथ एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड परीक्षा प्लेटफॉर्म विकसित करेंगे।
- वी. कामाकोटी (IIT मद्रास): साइबर हमलों से CBT सॉफ्टवेयर और सर्वर को सुरक्षित करेंगे, AI द्वारा प्रश्नों का डायनामिक रैंडमाइजेशन सुनिश्चित करेंगे।
- एस. सोमनाथ (पूर्व ISRO चेयरमैन): जीरो-एरर प्रक्रिया और मल्टी-लेयर जांच के लिए स्पेस मिशन जैसी सुरक्षा परतें लागू करेंगे।
- तपन डेका (पूर्व IB डायरेक्टर): परीक्षा माफिया और लीक गैंग के खिलाफ इंटेलिजेंस नेटवर्क और रियल-टाइम साइबर मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करेंगे।
- अमृत लाल मीणा (लॉजिस्टिक एक्सपर्ट): पेपर की छपाई, स्टोरेज और ट्रांसपोर्ट के लिए GPS ट्रैकिंग, डिजिटल लॉक जैसे ट्रैम्पर-प्रूफ लॉजिस्टिक उपाय लागू करेंगे।
- अनीता करवाल (पूर्व शिक्षा सचिव): मूल्यांकन और नीति सुधार की विशेषज्ञता, पारदर्शी मूल्यांकन, ग्रेस मार्क्स नीति और SOP पर सुझाव देंगी।
सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी टीम
टास्क फोर्स सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, सुरक्षा और सटीकता जैसे पहलुओं में सुधार आएगा। टीम के चयन में खास सावधानी बरती गई है ताकि हर क्षेत्र की विशेषज्ञता का लाभ मिले।
टास्क फोर्स के सुझावों के संभावित फायदे:
- परीक्षा केंद्रों पर हैकिंग, स्क्रीन शेयरिंग जैसी गड़बड़ियों पर रोक
- AI आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन से फर्जी परीक्षार्थियों की पहचान
- प्रश्न पत्र तैयार करने से लेकर परिणाम घोषित करने तक मल्टी-लेयर जांच
- पेपर ट्रांसपोर्ट में GPS ट्रैकिंग और डिजिटल लॉक से सुरक्षा
- परीक्षा केंद्रों के लिए सख्त SOP और पारदर्शी मूल्यांकन प्रक्रिया
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.