भारत–लीबिया रिश्तों में नई सक्रियता, जयशंकर–एल्बाउर वार्ता से सहयोग को बल
कूटनीति के जरिए शांति का संदेश, जयशंकर ने लीबिया से साझा की भारत की सोच
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भारत और लीबिया ने बहु-क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचार किया
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लीबिया की आंतरिक स्थिति पर भारतीय पक्ष को अवगत कराया गया
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भारत ने क्षेत्रीय स्थिरता के लिए संवाद आधारित नीति दोहराई
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भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक में कई देशों की भागीदारी
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 31 जनवरी: राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक के अवसर पर भारत और लीबिया के बीच कूटनीतिक संवाद को नई दिशा मिली। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने लीबिया के विदेश मंत्री एल्ताहर एस. एम. एल्बाउर के साथ महत्वपूर्ण बातचीत की।
आर्थिक और रणनीतिक क्षेत्रों पर चर्चा
दोनों नेताओं के बीच व्यापार, बुनियादी ढांचा और ऊर्जा जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को विस्तार देने को लेकर विचार-विमर्श हुआ। बैठक के दौरान लीबिया की वर्तमान राजनीतिक और सुरक्षा स्थिति पर भी चर्चा की गई, जिसकी जानकारी लीबियाई पक्ष ने साझा की।
शांति और स्थिरता पर भारत का रुख
डॉ. जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत किसी भी क्षेत्रीय संकट के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को प्राथमिक विकल्प मानता है। उन्होंने कहा कि भारत स्थिरता और शांति के प्रयासों में रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा।
आईएएफएमएम में अफ्रीकी देशों की मौजूदगी
भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए लीबिया के विदेश मंत्री के साथ सोमालिया के विदेश मंत्री अब्दिसलाम अली भी नई दिल्ली पहुंचे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह मंच भारत और अरब-अफ्रीकी देशों के बीच सहयोग को मजबूती देने का अवसर प्रदान कर रहा है।
सोमालिया के साथ रिश्तों में भी विस्तार की उम्मीद
सोमालिया के विदेश मंत्री अहमद मोअलिम फिकी की भारत यात्रा को भी द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। भारत ने इस यात्रा को आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने वाला कदम बताया।
अरब लीग नेतृत्व की भागीदारी
भारत-अरब बैठक से पहले लीग ऑफ अरब स्टेट्स के महासचिव अहमद अबुल घीत भी नई दिल्ली पहुंचे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, उच्चस्तरीय बैठकों के जरिए भारत और अरब देशों के बीच साझेदारी को और गहराई देने पर जोर दिया जाएगा।
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