भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सरकार की मुहर, मंत्रियों ने बताया ऐतिहासिक कदम

जयशंकर, पीयूष गोयल और अश्विनी वैष्णव ने कहा—डील से रोज़गार, तकनीक और भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा नया बल

  • भारत-अमेरिका ट्रेड डील को सरकार ने बताया ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव वाला कदम
  • एस जयशंकर बोले, इससे नौकरियों, विकास और इनोवेशन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
  • पीयूष गोयल ने कहा, यह सिर्फ व्यापार समझौता नहीं, रणनीतिक साझेदारी की नई नींव
  • अश्विनी वैष्णव बोले, दोनों देश मिलकर दुनिया के लिए तकनीकी समाधान विकसित कर सकते हैं

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली। 03 फरवरी: भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित कई वरिष्ठ मंत्रियों ने इस ट्रेड डील का खुलकर स्वागत किया है और इसे भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को नई ऊँचाई देने वाला कदम बताया है।

जयशंकर: नौकरियों और इनोवेशन को मिलेगा बढ़ावा

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बातचीत के बाद द्विपक्षीय व्यापार को लेकर हुई घोषणाएँ बेहद सकारात्मक हैं। उन्होंने कहा कि इस समझौते से दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं में रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे, विकास को गति मिलेगी और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा।

जयशंकर ने यह भी कहा कि यह ट्रेड डील ‘मेक इन इंडिया’ प्रयासों को मजबूती देगी और भरोसेमंद टेक्नोलॉजी साझेदारी को आगे बढ़ाएगी। उनके अनुसार, भारत-अमेरिका के बीच मजबूत आर्थिक रिश्ता रणनीतिक साझेदारी की सबसे ठोस नींव है।

पीयूष गोयल: यह सिर्फ व्यापार नहीं, ऐतिहासिक मोड़ है

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस समझौते को दोनों देशों के बीच समान सोच रखने वाले लोकतंत्रों की साझी ताकत बताया।उन्होंने कहा कि यह डील किसानों, एमएसएमई, उद्यमियों और कुशल श्रमिकों के लिए अभूतपूर्व अवसर लेकर आएगी।

गोयल के अनुसार, यह समझौता ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिज़ाइन इन इंडिया’ और ‘इनोवेट इन इंडिया’ को वैश्विक स्तर पर मजबूती देगा और भारत को अमेरिका से अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी हासिल करने में मदद करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समझौता विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है।

अश्विनी वैष्णव: दोनों देशों की ताकतें पूरक

रेलवे, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत और अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और स्वाभाविक सहयोगी भी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की ताकतें एक-दूसरे की पूरक हैं और मिलकर ऐसी तकनीक और समाधान विकसित किए जा सकते हैं,जिनसे पूरी दुनिया को लाभ होगा। वैष्णव ने इस ट्रेड डील को विन-विन समझौता बताते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के नागरिकों और उद्योगों का भविष्य उज्ज्वल होगा।

रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा

सरकार का मानना है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रणनीतिक, तकनीकी और वैश्विक स्थिरता के लिहाज़ से भी दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देगी।

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