चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश को झटका, ट्रेड डील से अमेरिकी बाजार में कैसे छाएगा भारत

ट्रंप का टैरिफ ऐलान बदलेगा वैश्विक व्यापार समीकरण, भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत

  • अमेरिका ने भारत पर टैरिफ 25% से घटाकर 18% करने का एलान किया
  • 500 बिलियन डॉलर से अधिक की ट्रेड डील का दावा, आधिकारिक पुष्टि नहीं
  • भारतीय उत्पाद चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश के मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धी
  • दंडात्मक अतिरिक्त 25% टैरिफ हटने से कुल शुल्क में बड़ी कटौती

समग्र समाचार सेवा
वॉशिंगटन। 03 फरवरी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा एलान ने वैश्विक व्यापार समीकरण में हलचल पैदा कर दी है। ट्रंप ने भारत पर लगाए जाने वाले अमेरिकी टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की है। इसके साथ ही उन्होंने भारत के साथ 500 बिलियन डॉलर से अधिक की ट्रेड डील होने का दावा भी किया, हालांकि इस दावे की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

भारतीय निर्यातकों को सीधा फायदा

टैरिफ घटने से अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पाद अपेक्षाकृत सस्ते और प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे। इसका सीधा असर टेक्सटाइल, फार्मा, इंजीनियरिंग गुड्स और आईटी-सेवाओं से जुड़े निर्यातकों पर पड़ने की उम्मीद है। ट्रंप के इस कदम से भारत, चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों के मुकाबले बेहतर स्थिति में आ गया है।

50% से सीधे 18% पर आया टैरिफ

ट्रंप के मुताबिक, भारत पर अब केवल 18 फीसदी टैरिफ लगेगा। वहीं व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि भारत पर लगाया गया अतिरिक्त दंडात्मक 25 फीसदी टैरिफ पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। इसका मतलब यह हुआ कि पहले जहां भारत पर कुल मिलाकर करीब 50 फीसदी शुल्क लग रहा था, अब वह घटकर 18 फीसदी रह गया है।

एशियाई देशों पर भारत की बढ़त

इस फैसले के बाद भारत अब उन देशों की श्रेणी में आ गया है, जिन्हें अमेरिका में अपेक्षाकृत कम टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है। चीन, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, बांग्लादेश और वियतनाम की तुलना में भारतीय उत्पाद अमेरिकी बाजार में अधिक अनुकूल स्थिति में होंगे। हालांकि भारत को अभी भी यूरोपियन यूनियन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे क्षेत्रों के मुकाबले थोड़ा अधिक टैरिफ झेलना पड़ रहा है।

किन देशों पर सबसे ज्यादा टैरिफ?

अमेरिका की मौजूदा टैरिफ सूची के मुताबिक ब्राजील पर 50%, म्यांमार और लाओस पर 40-40%, चीन पर 37% और दक्षिण अफ्रीका पर 30% टैरिफ लगाया गया है।

वहीं वियतनाम और बांग्लादेश पर 20%, पाकिस्तान, मलेशिया, कंबोडिया और थाईलैंड पर 19% टैरिफ लागू है। इन सभी देशों की तुलना में भारत अब बेहतर स्थिति में नजर आ रहा है।

कुछ देशों को भारत से भी राहत

अमेरिका ने यूनाइटेड किंगडम पर 10%, यूरोपियन यूनियन, स्विट्जरलैंड, जापान और दक्षिण कोरिया पर 15-15% टैरिफ तय किया है। गौरतलब है कि ट्रंप के दूसरी बार सत्ता संभालने से पहले भारत पर अमेरिकी टैरिफ डबल डिजिट में भी नहीं था। उस समय भारत का सिंपल अप्लाइड रेट 15.6% और इफेक्टिव अप्लाइड टैरिफ 8.2% के आसपास था।

डील की टाइमलाइन पर सस्पेंस

अब तक न तो अमेरिका और न ही भारत सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि यह कथित ट्रेड डील कब से लागू होगी। साथ ही भारत द्वारा रूसी तेल खरीद को लेकर भी सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे इस पूरे घटनाक्रम पर अभी कई सवाल बने हुए हैं।

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