ढाका : सेमिनार के दौरान भारतीय राजनयिक ने गलत नक्शे पर आपत्ति जताई

बांग्लादेश के पूर्व उच्चायुक्त की प्रस्तुति में गलत नक्शा दिखाया गया था

  • ढाका में सेमिनार के दौरान भारतीय राजनयिक ने गलत नक्शे पर आपत्ति जताई
  • जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बताया
  • बांग्लादेश के पूर्व उच्चायुक्त की प्रस्तुति में गलत नक्शा दिखाया गया था
  • कार्यक्रम में बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री भी मौजूद रहीं

 समग्र समाचार सेवा
 ढाका, 11 जुलाई : बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आयोजित एक सेमिनार के दौरान भारतीय राजनयिक पूजा कुमारी झा ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर के गलत नक्शे पर कड़ी आपत्ति जताई। यह घटना बांग्लादेश इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एंड स्ट्रैटेजिक स्टडीज (BIISS) में आयोजित “Rebuilding Trust, Renewing Regional Integration: Pathways for Revitalising SAARC” विषयक सेमिनार के दौरान घटी, जिसमें बांग्लादेश के पूर्व उच्चायुक्त अहमद तारीक करीम द्वारा प्रस्तुत प्रस्तुति में भारत का गलत नक्शा दिखाया गया था।

सेमिनार के दौरान जैसे ही करीम ने प्रजेंटेशन में भारत का नक्शा दिखाया, पूजा कुमारी झा ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए कहा, “यह नक्शा गलत है। जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है।” पूजा कुमारी झा, जो ढाका में भारतीय उच्चायोग में द्वितीय सचिव हैं, ने आगे स्पष्ट किया कि भारत की सीमाओं को ऐसे गलत ढंग से दर्शाना अनुचित है।

करीम ने सफाई देते हुए कहा कि यह नक्शा केवल प्रतीकात्मक उद्देश्य के लिए था और वास्तविक सीमाओं को नहीं दर्शाता। हालांकि, भारतीय राजनयिक ने फिर दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अविभाज्य भाग है और इसे गलत तरीके से दिखाना स्वीकार्य नहीं है।

कार्यक्रम में बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शामा ओबैद भी प्रमुख अतिथि के रूप में मौजूद थीं। करीम ने अपने संबोधन में दक्षिण एशिया के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक संदर्भों का उल्लेख किया, लेकिन भारतीय पक्ष ने स्पष्ट संदेश दिया कि भारत की क्षेत्रीय अखंडता पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

यह घटना दोनों देशों के बीच संवेदनशील मुद्दों पर सतर्कता और पारस्परिक संवाद की आवश्यकता को रेखांकित करती है। भारतीय राजनयिक की सख्त प्रतिक्रिया से भारत की सरकार की जम्मू-कश्मीर पर स्थायी स्थिति पुनः स्पष्ट हुई है।

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