केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने में अंतरराष्ट्रीय पतंगोत्सव-2026 को संबोधित किया

अंतरराष्ट्रीय पतंगोत्सव-2026: अमित शाह बोले—उत्सव भारतीय संस्कृति की आत्मा, सोमनाथ सनातन परंपरा की अमरता का प्रतीक

  • अंतरराष्ट्रीय पतंगोत्सव-2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने संबोधित किया
  • बाँसेरा को दिल्ली के नए पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर
  • आज़ादी के आंदोलन में ‘Simon Go Back’ पतंगों से हुए विरोध का उल्लेख
  • सोमनाथ स्वाभिमान पर्व और स्वाभिमान वर्ष को संस्कृति-संकल्प से जोड़ा

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 17 जनवरी: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय पतंगोत्सव-2026 को संबोधित करते हुए कहा कि उत्सव भारतीय समाज को जोड़ने और आगे बढ़ाने का माध्यम हैं।

उन्होंने महाकवि कालिदास के कथन ‘उत्सवप्रियाः खलु मनुष्याः’ का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की पहचान ही उत्सवप्रिय संस्कृति से है।

पतंगोत्सव को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की पहल


अमित शाह ने कहा कि पतंगोत्सव को सतत प्रयासों से और अधिक लोकप्रिय बनाया जाना चाहिए। इसके लिए एक समर्पित समिति गठित कर दिल्ली के पतंगोत्सव को पूरे देश का केंद्र बनाने पर काम होना चाहिए, ताकि यह विश्व के प्रमुख पतंगोत्सवों में अग्रणी स्थान प्राप्त कर सके।

बाँसेरा, संकल्प से साकार हुआ उदाहरण

गृह मंत्री ने दिल्ली में विकसित बाँसेरा उद्यान की सराहना करते हुए कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों के बाँस से सुसज्जित यह प्राकृतिक स्थल पर्यटकों का आकर्षण बन रहा है। उन्होंने दिल्ली सरकार से यहाँ जनभागीदारी बढ़ाने के लिए नियमित सांस्कृतिक और सार्वजनिक आयोजनों पर ध्यान देने का आग्रह किया।

आज़ादी के आंदोलन में पतंगों का प्रतिरोध

अमित शाह ने याद दिलाया कि साइमन कमीशन के विरोध में उत्तरायण के दिन ‘Simon Go Back’ लिखी पतंगें उड़ाई गई थीं। उस समय पतंगें केवल उत्सव नहीं, बल्कि जनआंदोलन का माध्यम बनीं और अंग्रेजों को भारतीयों की एकजुट ताकत का संदेश दिया।

मकर संक्रांति—एक भारत, श्रेष्ठ भारत

उन्होंने बताया कि मकर संक्रांति देश के अलग-अलग हिस्सों में लोहड़ी, पोंगल, माघ बिहू, पौष संक्रांति, उत्तरायण और खिचड़ी संक्रांति जैसे नामों से मनाई जाती है। यह विविधता में एकता का सशक्त उदाहरण है और पतंगोत्सव इसी भावना को दिल्ली से पूरे देश तक जोड़ने का प्रयास है।

सोमनाथ—विध्वंस पर निर्माण की विजय

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 8 से 11 जनवरी तक ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाया गया और आगामी एक वर्ष ‘सोमनाथ स्वाभिमान वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर 16 बार हमले हुए, लेकिन हर बार उसका पुनर्निर्माण हुआ। आज गगनचुंबी ध्वजा के साथ खड़ा यह मंदिर सनातन संस्कृति की अजर-अमरता का प्रतीक है।

अमित शाह ने कहा कि हमला करने वाले इतिहास से मिट गए, जबकि निर्माण करने वालों की शक्ति और संकल्प अमर हो गया। सोमनाथ स्वाभिमान वर्ष सभी भारतीयों के लिए अपनी संस्कृति को अटल और अमर बनाए रखने के संकल्प का स्मरण है।

शुभकामनाएँ

कार्यक्रम के अंत में गृह मंत्री ने देशवासियों, विशेष रूप से किसानों को मकर संक्रांति, पोंगल, लोहड़ी, माघ बिहू और उत्तरायण की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।

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