समग्र समाचार सेवा
तेहरान, 18 जून: ईरान और इस्राइल के बीच पिछले छह दिनों से चल रहा संघर्ष और अधिक उग्र हो गया है। बुधवार को तेहरान और करज में जोरदार विस्फोटों की गूंज सुनाई दी, जब इस्राइली वायुसेना ने एक बार फिर राजधानी के निकट ठिकानों पर हमला किया। इस्राइल के रक्षा मंत्री योआव काट्ज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “तेहरान में एक बवंडर आया है, सत्ता के प्रतीकों पर बमबारी हो रही है और वे ढह रहे हैं, क्योंकि बड़ी संख्या में निवासी भाग रहे हैं। तानाशाही का पतन इसी तरह होता है।”
तेहरान में सरकारी इमारतों और मीडिया प्राधिकरणों पर निशाना साधा गया। गोलान हाइट्स में सायरन बजने की खबर है। इस्राइल की वायुसेना ने दावा किया है कि उसने ईरान द्वारा भेजे गए तीन ड्रोन को मार गिराया।
ईरान की ओर से भी जवाबी हमला हुआ है। पहली बार इस संघर्ष में ईरान ने इस्राइल पर हाइपरसोनिक मिसाइल दागी। यह हमला अत्याधुनिक सैन्य शक्ति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिकी अधिकार समूह के अनुसार, अब तक ईरान में इस्राइली हमलों से 600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 239 नागरिक और 126 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। घायलों की संख्या 1326 बताई जा रही है।
इस्राइली हमलों के बीच ईरान के अंतिम सम्राट के निर्वासित पुत्र रेजा पहलवी ने सत्ता परिवर्तन की मांग करते हुए दावा किया कि सर्वोच्च नेता खामेनेई अब छिपे हुए हैं। उन्होंने खामेनेई को “भयभीत चूहा” करार दिया और कहा कि उन्होंने देश पर से नियंत्रण खो दिया है। दूसरी ओर, खामेनेई ने भी पलटवार करते हुए कहा कि जवाबी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “लड़ाई शुरू हो चुकी है, हमें यहूदियों पर कोई दया नहीं दिखानी चाहिए।”
इस पूरे संघर्ष के बीच अमेरिका की भूमिका भी तेज होती जा रही है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, वाशिंगटन मध्य पूर्व में और अधिक लड़ाकू विमान तैनात कर रहा है। अमेरिका ने सीरिया में दो और ठिकानों से अपनी सेनाएं हटाई हैं, जिससे क्षेत्र में इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी संगठनों के फिर से सक्रिय होने का खतरा भी जताया गया है।
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर तीखे शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने लिखा, “हमें पता है कि तथाकथित सर्वोच्च नेता कहां छिपा है… अभी हम उसे खत्म नहीं कर रहे, लेकिन हमारा धैर्य खत्म हो रहा है।” महज तीन मिनट बाद उन्होंने एक और पोस्ट में लिखा, “बिना शर्त आत्मसमर्पण!” ट्रंप के इस बयानों ने अमेरिका की नीति में सख्ती और तनाव की नई लहर पैदा कर दी है।
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