ईरान-इजरायल युद्ध पर ट्रंप की ‘रणनीतिक देरी’, दो हफ्तों में तय होगा अमेरिका का फैसला
समग्र समाचार सेवा
वॉशिंगटन/तेहरान/यरुशलम, 20 जून: ईरान और इजरायल के बीच जारी भीषण संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा संकेत देते हुए कहा है कि अमेरिका इस युद्ध में हस्तक्षेप करेगा या नहीं—इसका अंतिम निर्णय दो हफ्तों में लिया जाएगा। व्हाइट हाउस से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह समयसीमा राष्ट्रपति की “रणनीतिक देरी” का हिस्सा है, ताकि सभी संभावित विकल्पों का मूल्यांकन किया जा सके।
ट्रंप ने बदला सुर, अब कूटनीति को मिली प्राथमिकता
गौरतलब है कि बुधवार रात तक ट्रंप प्रशासन का रुख बेहद आक्रामक था। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई को बिना शर्त आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि अमेरिका को पता है कि खामेनेई कहां छिपे हैं और अगर अमेरिका चाहे, तो उन्हें निशाना बना सकता है। लेकिन गुरुवार को ट्रंप के सुर अचानक बदल गए और उन्होंने सैन्य कार्रवाई के फैसले को दो हफ्तों के लिए टाल दिया।
Everyone, even the Israeli defense minister, with his loud declaration about Khamenei's fate, must understand that attacks on nuclear facilities are extremely dangerous and can lead to a repeat of the Chernobyl tragedy.
— Dmitry Medvedev (@MedvedevRussiaE) June 19, 2025
इजरायल युद्ध में बना चुका है निर्णायक बढ़त
इस बीच इजरायल, ईरान पर निर्णायक बढ़त हासिल कर चुका है। इजरायली वायुसेना ईरान की राजधानी तेहरान तक हमले कर चुकी है। ईरान के कई टॉप न्यूक्लियर वैज्ञानिक मारे जा चुके हैं, जबकि उसकी मिसाइल उत्पादन क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई है। इजरायल ने ईरान के कई एयरबेस और रडार सिस्टम को भी ध्वस्त कर दिया है।
रूस और चीन की तीखी प्रतिक्रिया
ट्रंप की ‘रणनीतिक देरी’ के फैसले पर रूस और चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी दी है कि अमेरिका यदि ईरान पर हमला करता है, तो इसका परिणाम परमाणु तबाही तक पहुंच सकता है। रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने कहा है कि अमेरिका को इस युद्ध से दूर रहना चाहिए, नहीं तो पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता फैल सकती है।
चीन ने भी संघर्ष को लेकर गहरी चिंता जताई है और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ट्रंप और पुतिन दोनों से बातचीत कर संघर्ष को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक पहल का आग्रह किया है।
उत्तर कोरिया ने इजरायल को बताया ‘शांति के लिए कैंसर’
उत्तर कोरिया ने सबसे तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इजरायल के हमलों को “मानवता के खिलाफ अपराध” करार दिया है। उसके विदेश मंत्रालय ने कहा कि इजरायल मध्य पूर्व में अशांति और आतंकवाद का मुख्य स्रोत है। उत्तर कोरिया और ईरान के बीच लंबे समय से सैन्य सहयोग रहा है और प्योंगयांग ने स्पष्ट किया है कि वह तेहरान के साथ खड़ा है।
वैश्विक तनाव के बीच अमेरिका का रुख बना रहस्य
इन तमाम वैश्विक प्रतिक्रियाओं और रणनीतिक समीकरणों के बीच ट्रंप द्वारा तय की गई दो हफ्तों की समयसीमा न केवल अमेरिका की युद्धनीति का भविष्य तय करेगी, बल्कि यह भी निर्धारित करेगी कि ईरान-इजरायल संघर्ष एक सीमित सैन्य संघर्ष बना रहेगा या यह तीसरे विश्व युद्ध जैसी भयावह स्थिति में तब्दील हो जाएगा।
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