इजरायल का ईरान पर बड़ा हमला: कुद्स फोर्स कमांडर सईद इजादी मारे गए

समग्र समाचार सेवा
तेल अवीव/तेहरान, 21 जून: इजरायल और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। इजरायल ने ईरान के इस्फहान स्थित परमाणु स्थल और मिसाइल विकास केंद्र पर एक व्यापक सैन्य हमला किया है। हमले में उन्नत मिसाइल सिस्टम, रडार स्टेशन और संवेदनशील परमाणु संरचनाएं निशाना बनाई गईं। इस कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में हलचल मच गई है, जबकि इजरायल ने इसे आत्मरक्षा और न्याय का कदम बताया है।
क़ुम शहर में कुद्स फोर्स का टॉप कमांडर ढेर
इस सैन्य अभियान के तहत इजरायली डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की कुद्स फोर्स में फिलिस्तीनी मामलों के प्रमुख सईद इजादी को निशाना बनाकर मार गिराया। इजादी को ईरान के पवित्र शहर क़ुम में एक अपार्टमेंट में अंजाम दिए गए एक गुप्त हवाई हमले में मारा गया। इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ ने इस ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए इसे “इजरायली खुफिया एजेंसी और वायुसेना की बड़ी उपलब्धि” बताया।
सईद इजादी: आतंक के वित्तपोषक की कहानी
मंत्री काट्ज़ के अनुसार, सईद इजादी ने 7 अक्तूबर 2023 को इजरायल में हुए भीषण हमले से पहले हमास को धन, हथियार और सामरिक सहायता उपलब्ध कराई थी। उन्होंने कहा कि “यह कार्रवाई उन इजरायली नागरिकों और बंधकों के लिए न्याय है जो उस हमले में मारे गए थे। इजरायल की लंबी बांह हर दुश्मन तक पहुंचेगी।”
ईरान-हमास कनेक्शन के दस्तावेज
इजरायली खुफिया एजेंसियों ने हाल ही में एक दस्तावेज़ उजागर किया है, जिसमें यह दावा किया गया है कि जून 2021 में हमास के तत्कालीन नेता यह्या सिनवार और मोहम्मद देइफ ने ईरानी कुद्स फोर्स के प्रमुख इस्माइल क़ानी को एक पत्र भेजा था। इस पत्र में इजरायल पर एक समन्वित हमले के लिए 500 मिलियन डॉलर की सहायता मांगी गई थी। यह योजना अंततः 7 अक्टूबर के नरसंहार के रूप में सामने आई।
तेज होती रणनीतिक टकराहट
इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और अधिक गहराने की आशंका है। ईरान ने आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी नहीं दी है, लेकिन देश में सुरक्षा सतर्कता उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला न केवल सैन्य रूप से, बल्कि राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर भी दूरगामी प्रभाव डालेगा।
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