इसरो के बाहुबली रॉकेट एलवीएम3 ने रचा इतिहास, ब्लू बर्ड मिशन सफल
एलवीएम3-एम6 ने 23 मिनट में अमेरिकी ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 उपग्रह को निचली कक्षा में स्थापित किया
- एलवीएम3-एम6 ने अब तक का सबसे भारी वाणिज्यिक उपग्रह निचली कक्षा में पहुँचाया
- 23 मिनट में उपग्रह का सफल पृथक्करण, मिशन पूरी तरह सफल
- 640 टन वजनी रॉकेट ने तीन चरणों में किया सटीक प्रक्षेपण
- यह इसरो का 101वाँ सफल अंतरिक्ष मिशन रहा
समग्र समाचार सेवा
श्रीहरिकोटा | 24 दिसंबर: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के बाहुबली रॉकेट एलवीएम3 ने अंतरिक्ष प्रक्षेपण के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से एलवीएम3-एम6 का सफल प्रक्षेपण किया गया, जिसके तहत ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 उपग्रह को पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित किया गया।
23 मिनट में मिशन की सफलता
बुधवार सुबह 8 बजकर 54 मिनट पर रॉकेट ने दूसरे प्रक्षेपण मंच से उड़ान भरी। उड़ान के ठीक 23 मिनट बाद इसरो ने घोषणा की कि ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 उपग्रह रॉकेट से अलग होकर निर्धारित निचली कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित हो गया है। इसके साथ ही मिशन को पूर्ण रूप से सफल घोषित किया गया।
अब तक का सबसे भारी वाणिज्यिक उपग्रह
ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 उपग्रह निचली कक्षा में स्थापित किया गया अब तक का सबसे भारी वाणिज्यिक संचार उपग्रह है। यह उपग्रह सीधे मोबाइल उपकरणों तक उच्च गति संचार सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। भारतीय धरती से एलवीएम3 द्वारा प्रक्षेपित यह सबसे भारी पेलोड भी है।
रॉकेट की संरचना और प्रदर्शन
करीब 640 टन वजनी एलवीएम3-एम6 रॉकेट को उसकी विशाल क्षमता के कारण ‘बाहुबली’ कहा जाता है। इसमें दो ठोस ईंधन बूस्टर, एक तरल कोर चरण और एक क्रायोजेनिक ऊपरी चरण शामिल है। रॉकेट ने 520 से 600 किलोमीटर की ऊँचाई पर उपग्रह को अत्यंत सटीकता के साथ स्थापित किया।
गगनयान मिशन को मजबूती
इसरो प्रमुख ने प्रक्षेपण के बाद कहा कि यह मिशन भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और इससे मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान की तैयारियों को भी बल मिलेगा। यह मिशन इसरो की बढ़ती वैश्विक विश्वसनीयता को दर्शाता है।
Comments are closed.