पीएम मोदी ने भाजपा नेता कबिंद्र पुरकायस्थ के निधन पर जताया दुख
94 वर्ष की आयु में सिलचर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में निधन
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पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री थे कबिंद्र पुरकायस्थ
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पीएम मोदी, असम के सीएम हिमंता और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने जताया शोक
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भाजपा को पूर्वोत्तर में मजबूत करने में निभाई अहम भूमिका
समग्र समाचार सेवा
सिलचर (असम), 8 जनवरी। पूर्वोत्तर भारत में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कबिंद्र पुरकायस्थ का मंगलवार को सिलचर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में निधन हो गया। वह 94 वर्ष के थे। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
पीएम मोदी ने एक्स पर जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कबिंद्र पुरकायस्थ के साथ अपनी एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि उनके निधन से गहरा दुख हुआ है। समाजसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और असम की प्रगति में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने राज्यभर में भाजपा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और समर्थकों के साथ हैं।
हिमंता बिस्वा सरमा बोले-वह स्वयं एक संस्था थे
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी एक्स पर शोक संदेश जारी करते हुए लिखा कि कबिंद्र पुरकायस्थ एक प्रतिभाशाली विचारक और समर्पित कार्यकर्ता थे। उन्होंने इस क्षेत्र में भाजपा की नींव रखी और इसे असम में लोगों की पसंदीदा पार्टी बनाने में मदद की।
सीएम सरमा ने कहा कि सिलचर की गलियों से संसद के गलियारों तक उनकी यात्रा प्रेरणादायक रही। उन्होंने हमेशा लोगों और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता दी तथा असम और उत्तर-पूर्व के हितों की रक्षा के लिए लगातार काम किया।
मार्गदर्शक और बड़े भाई समान थे
मुख्यमंत्री ने आगे लिखा कि कार्यकर्ताओं के लिए वह केवल जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि मार्गदर्शक, बड़े भाई और भरोसेमंद साथी थे। उन्होंने यह सिखाया कि राजनीति में मूल्य, सरलता और सेवा सबसे महत्वपूर्ण है। उनके जाने से ऐसी जगह खाली हो गई है, जिसे भर पाना कठिन है।
सर्बानंद सोनोवाल ने कहा-प्रेरणा का स्रोत रहेंगे
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि कबिंद्र पुरकायस्थ भाजपा के सच्चे स्तंभ थे। उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर से मजबूत करने के लिए पूरा जीवन समर्पित किया।
सोनोवाल ने लिखा कि हजारों कार्यकर्ताओं के लिए उनका मार्गदर्शन हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उनका निधन व्यक्तिगत क्षति के साथ-साथ असम की राजनीति के लिए भी अपूरणीय नुकसान है।
कबिंद्र पुरकायस्थ के निधन से असम और पूर्वोत्तर की राजनीति में एक युग का अंत माना जा रहा है।
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