समग्र समाचार सेवा
कोलकाता, 6 जुलाई: कोलकाता के प्रतिष्ठित लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हुए गैंगरेप मामले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद दिलीप घोष ने इस घटना को लेकर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर सीधा हमला बोला है।
यूनियन रूम को बताया टीएमसी का दफ्तर
दिलीप घोष ने सवाल उठाया कि जब छात्र संघ का चुनाव नहीं होता, तो कॉलेज और यूनिवर्सिटी में यूनियन रूम क्यों खुले हैं। उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि ऐसे कमरों को टीएमसी पार्टी का दफ्तर बना देना चाहिए क्योंकि वहां पढ़ाई के बजाय राजनीति होती है और अब ऐसे कृत्य सामने आ रहे हैं। उन्होंने कोर्ट के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि जब तक छात्र संघ चुनाव नहीं होते, ऐसे यूनियन रूम पर ताला लगा रहना चाहिए।
धर्म के नाम पर वोट बैंक की राजनीति पर हमला
टीएमसी विधायक सावित्री मित्रा के ‘इस्लाम हमारा पसंदीदा धर्म है’ वाले बयान पर भी दिलीप घोष ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी नेता को यह कहने से पहले सोचना चाहिए कि वह पूरे समाज का प्रतिनिधित्व कर रहा है। घोष ने दो टूक कहा कि धर्म का इस्तेमाल सिर्फ वोट बैंक के लिए करना बेहद शर्मनाक है।
‘जय मांकाली’ पर भाजपा का रुख साफ
राज्य में शमिक सुकांत्र के ‘जय मांकाली’ नारे को लेकर भी दिलीप घोष ने कहा कि भाजपा बंगाली संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए हमेशा तैयार है। उन्होंने कहा कि पार्टी को ‘जय मांकाली’ और ‘जय श्रीराम’ जैसे नारों पर गर्व है और इसे बोलने में कोई संकोच नहीं है।
राहुल गांधी पर कसा तंज
विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए दिलीप घोष ने कहा कि लोगों को तो यह भी याद नहीं कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष हैं, उनकी उपलब्धि पूछना ही बेमानी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को उल्टा-सीधा बोलने के अलावा कुछ नहीं आता।
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