समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी, 27 अगस्त: पिछले पाँच वर्षों में असम में कानून-व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। चार्जशीट और सजा दर में तेजी से वृद्धि के साथ-साथ लंबित मामलों की संख्या में भारी गिरावट आई है, जिससे राज्य की पुलिस व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रियाओं की दक्षता उजागर होती है।
चार्जशीट दर में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
असम पुलिस द्वारा साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2025 में चार्जशीट दर 79.58% तक पहुँच गई, जबकि 2020 में यह केवल 47.80% थी।
भाषा न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज मामलों में तो चार्जशीट दर और भी अधिक रही। जुलाई 2025 में यह 93% से अधिक हो गई, जो मई 2025 में 88.42% थी।
सजा दर में रिकॉर्ड सुधार
राज्य की न्यायिक व्यवस्था में सुधार का बड़ा संकेत सजा दर में उछाल से मिलता है। 2020 में जहाँ यह केवल 5.5% थी, वहीं जुलाई 2025 तक यह 26.72% तक पहुँच गई। अधिकारियों का मानना है कि यह उपलब्धि सिस्टमेटिक इन्वेस्टिगेशन, केस फॉलोअप और न्यायपालिका-पुलिस समन्वय का नतीजा है।
लंबित मामलों में भारी गिरावट
2020 में जहाँ लंबित मामलों की संख्या 1,54,280 थी, वहीं जुलाई 2025 तक यह घटकर केवल 12,338 रह गई। इससे स्पष्ट है कि असम पुलिस ने मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने में बड़ी सफलता हासिल की है।
मुख्यमंत्री और पुलिस नेतृत्व का योगदान
मंगलवार शाम पुलिस मुख्यालय में हुई मासिक राज्य अपराध समीक्षा बैठक के बाद, असम के पुलिस महानिदेशक हरमीत सिंह ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर लिखा:
“माननीय मुख्यमंत्री डॉ. @himantabiswa सर के मार्गदर्शन में, @assampolice बेहतर पुलिसिंग की दिशा में लगातार सुधार कर रहा है।”
इस वर्ष जनवरी में असम पुलिस ने कई क्षेत्रों में स्पष्ट लक्ष्य तय किए थे, जिनमें सजा दर बढ़ाना, राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाना और गैंडों के शिकार को समाप्त करना शामिल था
Chaired the Monthly State Crime Review at PHQ today.
Guided by Hon’ble CM Dr. @himantabiswa Sir, @assampolice continues its journey towards better policing with consistent improvement in key policing parameters.
🔹 Chargesheet % has touched 79.58% in July 2025 – up from 47.80%… pic.twitter.com/RNwYmS671c
— DGP Assam (@DGPAssamPolice) August 26, 2025
पूर्व डीजीपी ने जताया था भरोसा
पूर्व पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने पहले ही कहा था कि राज्य में अपराध जांच की गुणवत्ता में जबरदस्त सुधार हुआ है। उन्होंने 2025 में चार्जशीट दर को 75% और सजा दर को 30% तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा था।
वर्तमान आंकड़े बताते हैं कि चार्जशीट दर लक्ष्य से 6 प्रतिशत अधिक हो चुकी है और सजा दर लगातार मानक की ओर बढ़ रही है।
असम में पिछले पाँच वर्षों के दौरान हुए इन सुधारों ने राज्य की कानून-व्यवस्था को नई पहचान दी है। चार्जशीट और सजा दर में बढ़ोतरी न केवल अपराधियों में भय पैदा कर रही है बल्कि आम नागरिकों में भी न्याय प्रणाली के प्रति विश्वास को मजबूत कर रही है।
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